सचिन यादव को यूपी कांग्रेस वॉर रूम की कमान, हाईकमान ने पूर्व मंत्री पर जताया भरोसा
भोपाल। मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेता सचिन यादव को पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने उन्हें यूपी चुनाव के लिए पार्टी के वार रूम का चेयरपर्सन नियुक्त किया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 24 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में इसकी घोषणा की। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मंजूरी से हुई यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू की गई है।
2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के अलावा पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में भी वार रूम चेयरपर्सन नियुक्त किए हैं। उत्तर प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण राज्य की चुनावी तैयारियों की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश के नेता को मिलना सचिन यादव के राजनीतिक सफर का अहम पड़ाव है।
राजनीतिक विरासत और तीन बार विधायक बनने का सफर
10 जनवरी 1982 को खरगोन में जन्मे सचिन यादव मध्य प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता स्वर्गीय सुभाष यादव के पुत्र हैं। उनके बड़े भाई अरुण यादव पूर्व केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं।
वाणिज्य विषय में स्नातक सचिन यादव की राजनीतिक कर्मभूमि खरगोन जिले की कसरावद विधानसभा सीट रही है। उन्होंने 2013, 2018 और 2023 में लगातार तीन बार यहां से विधानसभा चुनाव जीता।
कमलनाथ सरकार में संभाला कृषि मंत्रालय
दिसंबर 2018 में कमलनाथ सरकार में सचिन यादव को किसान कल्याण एवं कृषि विकास, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग की जिम्मेदारी मिली थी। उन्होंने 29 दिसंबर 2018 से 20 मार्च 2020 तक मंत्री के रूप में काम किया। इस तरह उन्हें विधानसभा और सरकार, दोनों स्तरों पर काम करने का अनुभव है।
यूपी चुनाव में होगी अहम भूमिका
चुनावी वार रूम राजनीतिक घटनाक्रमों की निगरानी, आंकड़ों के विश्लेषण, प्रचार एवं संचार प्रबंधन और संगठन के विभिन्न स्तरों के बीच समन्वय का महत्वपूर्ण केंद्र होता है। उत्तर प्रदेश की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियां मध्य प्रदेश से अलग हैं। ऐसे में सचिन यादव के सामने वहां की चुनावी जरूरतों के अनुरूप संगठनात्मक तालमेल बनाने की चुनौती होगी।
मध्य प्रदेश की राजनीति में अपनी पहचान बना चुके सचिन यादव के लिए यह नियुक्ति राज्य की सीमाओं से बाहर राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी निभाने का अवसर है। अब उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी भूमिका पर नजर रहेगी।

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