खड़े हनुमान मंदिर में रात के अंधेरे में स्कैनिंग, डेढ़ महीने से टेंट में विराजे हैं हनुमान
उज्जैन: शहर के खड़े हनुमान मंदिर की 8 फीट ऊंची प्राचीन प्रतिमा पिछले डेढ़ महीने से टेंट के नीचे है। मंदिर का मुख्य ढांचा हटाए जाने के बाद से श्रद्धालु प्रतिमा को फिर से मंदिर में स्थापित किए जाने का इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच सोमवार देर रात प्रशासन की एक विशेष टीम मशीनों के साथ मौके पर पहुंची और प्रतिमा की स्कैनिंग शुरू कर दी। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस जांच के बाद अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर प्रतिमा की जांच रात के अंधेरे में ही क्यों की गई? प्रशासन आगे क्या करने जा रहा है और भक्तों को उनकी आस्था से जुड़े इस मामले में कब तक जवाब मिलेगा?
रात 12:30 बजे मंदिर पहुंची टीम, मशीनों से की प्रतिमा की जांच
जानकारी के मुताबिक, 26-27 अक्टूबर की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे भोपाल से चार सदस्यीय विशेष टीम खड़े हनुमान मंदिर पहुंची। टीम के साथ एसडीएम एलएन गर्ग भी मौजूद थे। जांच के दौरान राजेश जवाहर और मोहित श्रीवास्तव ने आधुनिक उपकरणों की मदद से प्रतिमा और उसके आधार की संरचना की जांच की। मौके पर स्मार्ट सिटी के असिस्टेंट सिविल इंजीनियर कमलाकांत सक्सेना और पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
जमीन के भीतर आधार की गहराई जानने की कोशिश
जांच का उद्देश्य यह पता लगाना था कि प्रतिमा का आधार जमीन के अंदर कितनी गहराई तक है और उसकी बनावट कैसी है। इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक अल्ट्रासोनिक मशीन का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, जांच के दौरान मशीन बार-बार कमजोर सिग्नल का संदेश देने लगी। वहीं, दूसरी मशीन की बैटरी भी कुछ ही देर में डिस्चार्ज हो गई। इसके बाद टीम को पास के एक मकान से बिजली की व्यवस्था कर मशीन को दोबारा चार्ज करना पड़ा। इसके बाद जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
सड़क चौड़ीकरण में हटाया गया मंदिर का ढांचा
दरअसल, कंठाल चौराहे से छत्री चौक तक सड़क चौड़ीकरण के लिए खड़े हनुमान मंदिर को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई थी। 30 अगस्त 2026 को कार्रवाई का प्रयास किया गया, लेकिन श्रद्धालुओं और हिंदू संगठनों के विरोध के चलते इसे रोकना पड़ा।
इसके बाद 1 सितंबर को प्रशासनिक टीम दोबारा पहुंची। करीब 16 घंटे चली कार्रवाई में मंदिर का शिखर और ऊपरी हिस्सा हटाया गया। 4 सितंबर को मंदिर का मुख्य ढांचा भी हटा दिया गया। हालांकि, 8 फीट ऊंची प्राचीन प्रतिमा को वहीं रखा गया और उसके ऊपर टेंट लगा दिया गया।
नए मंदिर में स्थापना का इंतजार
प्रशासन की योजना प्रतिमा को टंकी चौक के पास बनाए गए नए मंदिर में स्थापित करने की है। लेकिन इससे पहले प्रतिमा के आधार और जमीन के भीतर की संरचना की जांच की जा रही है।
फिलहाल प्रतिमा को टेंट के नीचे रखा गया है और श्रद्धालु उसके पुनर्स्थापन का इंतजार कर रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जांच की रिपोर्ट कब सामने आएगी और खड़े हनुमान को नए मंदिर में कब विराजमान किया जाएगा। श्रद्धालु चाहते हैं कि प्रशासन जल्द फैसला ले और इस मामले का समाधान निकाले।

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