भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिया 4 सप्ताह का समय, सभी पक्ष पेश करेंगे दस्तावेज
नई दिल्ली। भोजशाला विवाद को लेकर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की पीठ ने मामले से जुड़े सभी पक्षों को अपने दस्तावेज और जरूरी रिकॉर्ड जमा करने के लिए 4 सप्ताह का समय दिया है। अदालत ने हाई कोर्ट में मौजूद मामले के रिकॉर्ड भी सभी पक्षों को उपलब्ध कराने को कहा है।
हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से 6 वकील पेश हुए
सुनवाई के दौरान हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से अधिवक्ता हरिशंकर जैन, रंजना अग्निहोत्री, विष्णु शंकर जैन, विनय जोशी, रोहित शुक्ला और देवेंद्र नागर मौजूद रहे। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष आशीष गोयल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में संगठन से जुड़े 4 मामलों की सुनवाई हुई। गोयल ने कहा कि संगठन भोजशाला को लेकर अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेगा। उन्होंने परिसर में मां वाग्देवी की प्रतिमा स्थापित करने का संकल्प भी दोहराया।
पूजा और नमाज की व्यवस्था पहले से तय
धार की भोजशाला में पूजा और नमाज को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बाद परिसर में नियमित पूजा हो रही है। वहीं, मुस्लिम पक्ष के लोग पिछले कुछ समय से अपने घरों और स्थानीय मस्जिदों में नमाज पढ़ रहे हैं।
इससे पहले 30 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई में अंतरिम व्यवस्था के तहत भोजशाला परिसर के पास की जमीन पर शुक्रवार दोपहर 1 से 3 बजे तक नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी। बाद में प्रशासन और मुस्लिम पक्ष के बीच हुई बैठक में भी इसी स्थान पर नमाज अदा करने पर सहमति बनी थी। गुरुवार की सुनवाई में अदालत ने फिलहाल दस्तावेज और पुराने रिकॉर्ड जुटाने के लिए समय दिया है। अब सभी पक्षों को 4 सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखने से जुड़े दस्तावेज पेश करने होंगे।

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