34 लाख लोग पश्चिम बंगाल में नहीं डाल पाएंगे वोट, SC का अंतरिम अधिकार से इंकार

जिन वोटरों के नाम हटाए, ऐसे 34 लाख 35 हजार 174 ने अपीलें दायर की! नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने उन लाखों लोगों को आगामी मतदान में हिस्सा लेने की अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिनके … Read more

ईवीएम की जांच और निरीक्षण की बॉम्बे हाई कोर्ट ने अनुमति दी!

देश के चुनावी इतिहास में पहली बार ईवीएम की जांच होगी! मुंबई। देश के चुनावी इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया, जब बॉम्बे हाई कोर्ट ने पहली बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की जांच और निरीक्षण की अनुमति दे दी। यह आदेश न्यायमूर्ति सोमशेखर सुंदरेसन की एकल पीठ ने पारित किया। यह मामला कांग्रेस … Read more

आधार कार्ड 6 साल तक के बच्चों का ही बने, ज्यादा उम्र के लिए नए नियम बनें, याचिका दायर!

इससे घुसपैठियों के आधार कार्ड बनने पर रोक लग सकेगी! नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई, जिसमें मांग की गई कि आधार कार्ड केवल 6 वर्ष तक के बच्चों को ही जारी किया जाए। इसके बाद आधार बनवाने की प्रक्रिया उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) या तहसीलदार कार्यालय के माध्यम से … Read more

Supreme Court का बड़ा फैसला : Rooh Afza ‘फ्रूट ड्रिंक’ है, अब लगेगा सिर्फ 4% Tax!

Supreme Court का बड़ा फैसला: Rooh Afza ‘फ्रूट ड्रिंक’ घोषित, अब सिर्फ 4% टैक्स

नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च अदालत ने हमदर्द (वक्फ) लैबोरेटरीज को बड़ी राहत देते हुए दशकों पुराने कानूनी विवाद पर विराम लगा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि ‘Rooh Afza’ कोई सामान्य शरबत नहीं बल्कि एक ‘फ्रूट ड्रिंक’ है। इस फैसले के साथ ही अब इस पर 12.5% के बजाय केवल 4% … Read more

सुप्रीम कोर्ट की जन सुराज को फटकार, प्रसिद्धि पाने के लिए अदालत का इस्तेमाल न करें

​नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों को रद्द करने की मांग लेकर पहुंची प्रशांत किशोर की ‘जन सुराज’ पार्टी को उच्चतम न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने न केवल याचिका पर विचार करने से मना कर दिया, बल्कि तीखी टिप्पणी करते हुए पार्टी की नीयत पर भी सवाल उठाए। अंततः, न्यायालय … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा कि चुनाव आयुक्त के लिए कोई कानून क्यों नहीं! 

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा कि चुनाव आयुक्त के लिए कोई कानून क्यों नहीं! चीफ जस्टिस की बेंच ने जीवनभर कानून से छूट के मामले में टिप्पणी की नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। नोटिस में संसद के बनाए गए उस कानून की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब मांगा गया, जो मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को मुकदमे से जीवन भर की छूट देता है। मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को मुकदमे से जीवन भर संरक्षण देने के कानून को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट वैधता का परीक्षण करने को तैयार है। एनजीओ 'लोक प्रहरी' की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून पर कोई रोक नहीं लगाई है। 2023 के एक प्रावधान को चुनौती दी गई याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने कहा कि हम इसकी जांच करना चाहेंगे। हम नोटिस जारी कर रहे हैं। इस याचिका में चीफ इलेक्शन कमिश्नर और अन्य इलेक्शन कमिश्नर (नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यकाल) बिल, 2023 के एक प्रावधान को चुनौती दी गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि इस कानून ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर (सीईसी) और इलेक्शन कमिश्नरों (ईसी) को अपने ऑफिशियल काम करते समय किए गए किसी भी काम के लिए सिविल और क्रिमिनल कार्रवाई से जिंदगी भर की छूट दी है। स्टे की जरूरत नहीं, पर परीक्षण जरूरी सीजेआई सूर्य कांत ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि ये एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। हम मामले का परीक्षण करेंगे कि क्या इस प्रावधान से कोई नुकसान हो रहा है और क्या संविधान की व्यवस्था के तहत ऐसी छूट दी जा सकती है। उन्‍होंने कहा कि फिलहाल स्टे की जरूरत नहीं है। प्रावधान से निष्पक्ष चुनावों को नुकसान याचिकाकर्ता संस्था 'लोक प्रहरी' ने दलील दी कि इतनी व्यापक कानूनी छूट तो भारत के राष्ट्रपति को भी नहीं दी गई। उन्‍होंने कहा कि संसद में कानून पर बहस के दौरान मंत्री ने खुद कहा था कि यह विधेयक केवल सेवा शर्तों से संबंधित है। ऐसे में आपराधिक अभियोजन से छूट को सेवा शर्त नहीं माना जा सकता है। याचिका में यह भी कहा गया कि यह प्रावधान स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों को नुकसान पहुंचाता है। संविधान बनाने वालों को भी ऐसी छूट नहीं याचिकाकर्ता ने अदालत से इस प्रावधान पर तुरंत रोक लगाने की मांग की थी। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि यह बिल सीईसी और ईसी को जिंदगी भर के लिए ऐसी अभूतपूर्व शक्ति नहीं दे सकता, जो संविधान बनाने वालों ने जजों को भी नहीं दी थी। संसद ऐसी छूट नहीं दे सकती जो संविधान बनाने वालों ने दूसरे गणमान्य व्यक्तियों को नहीं दी थी। कानून में संशोधन 2023 में किया मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को उनके आधिकारिक कार्यों के लिए मुकदमों से प्रोटेक्शन दिए जाने को लेकर कानून मे संशोधन किए जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। कानून में संशोधन 2023 में किया गया था, जिसके तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को ये संरक्षण दिया गया है कि उनके आधिकारिक काम को लेकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता है।

चीफ जस्टिस की बेंच ने जीवनभर कानून से छूट के मामले में टिप्पणी की नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। नोटिस में संसद के बनाए गए उस कानून की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब मांगा गया, जो मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को … Read more

गुटखा कारोबारी किशोर वाधवानी पर ‘जीएसटी’ ने 2002 करोड़ की डिमांड निकाली

2002 crore tax notice

इंदौर | 11 दिसंबर 2025 | NEWSPOINTMP सेंट्रल जीएसटी एवं एक्साइज कमिश्नरेट ने गुटखा कारोबारी किशोर वाधवानी और उनके समूह की 17 से ज्यादा कंपनियों-फर्मों पर 2,002 करोड़ रुपये की भारी-भरकम टैक्स डिमांड जारी की है।यह मध्य प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा टैक्स नोटिस है, जिसमें 75.67 करोड़ रुपये की एक्साइज ड्यूटी भी शामिल … Read more