डॉग लवर्स की सभी याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में खारिज, अब सड़कों से हटेंगे आवारा कुत्ते!

     नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने 25 नवंबर के आदेश के खिलाफ दायर सभी पुनर्विचार याचिकाएं खारिज कर दीं। अदालत ने कहा है कि राज्यों ने पशु जन्म नियंत्रण के निर्देशों को समय पर लागू नहीं किया, जिससे स्थिति अनियंत्रित हो गई।
     अदालत ने स्कूल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों से लावारिस कुत्तों को हटाने के आदेश को बरकरार रखा। सुनवाई में देशभर से कुत्तों के काटने की घटनाओं पर चिंता जताई गई। दिल्ली हवाई अड्डे पर इस साल 31 मामले दर्ज हैं। अदालत ने राज्यों को चेतावनी दी कि निर्देशों का पालन न होने पर अवमानना की कार्रवाई होगी और गंभीर रूप से बीमार या अत्यधिक आक्रामक कुत्तों के मामले में दर्दरहित मृत्यु पर विचार करने का निर्देश दिया। उच्च न्यायालयों को आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

कुत्तों के काटने की कई घटनाएं
      कोर्ट ने कहा कि यदि राज्यों ने समय पर नसबंदी व अन्य नियंत्रण उपाय लागू किए होते तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों में राजस्थान, तमिलनाडु व कुछ अन्य राज्यों से कुत्तों के काटने के कई गंभीर मामले सामने आए। दिल्ली हवाई अड्डे पर इस वर्ष दर्ज 31 श्वान-दंश की घटनाओं को भी अदालत ने चिन्हित किया। अदालत ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केन्द्रों में एंटी‑रैबीज़ वैक्सीन की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाए तथा राष्ट्रीय राजमार्गों को आवारा पशुओं से मुक्त कराने के लिये ठोस कदम उठाए जाएँ।

कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं
     एक संवेदनशील प्रावधान के तहत न्यायालय ने कहा कि असाध्य रोगों या अत्यधिक आक्रमकता के मामलों में दर्दरहित मृत्यु पर विचार किया जा सकता है। अदालत ने राज्यों व जिला प्रशासनों को सख्त चेतावनी दी कि आदेशों के पालन में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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