इंदिरा गांधी की याद में भावुक हुए राहुल गांधी, बचपन के खास पल को किया याद
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री और अपनी दादी इंदिरा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर याद करते हुए बचपन की एक बेहद खास याद साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे बचपन में वह दादी की गोद में बैठकर उनके साथ संस्कृत का मंत्र दोहराया करते थे। राहुल ने इस याद को जिंदगी का खूबसूरत तोहफा बताया। उनकी यह पोस्ट दादी और पोते के बीच के गहरे प्रेम और अपनापन को बयां करती है।
दादी की गोद में बैठकर सीखा था मंत्र
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में बताया कि बचपन में वह इंदिरा गांधी की गोद में बैठते थे और उनके दोनों हाथ अपने हाथों में थाम लेते थे। फिर दादी की आवाज सुनते और उनके पीछे-पीछे संस्कृत का मंत्र दोहराते थे।
इस बचपन की याद को साझा करते हुए राहुल ने लिखा, “दादी, आपने मुझे कितना खूबसूरत तोहफा दिया था। मैंने कभी सोचा भी नहीं था।” उनके ये शब्द बताते हैं कि दादी के साथ बिताया वह छोटा-सा पल आज भी उनके दिल में कितना खास है।
यह है वह मंत्र, जो आज भी है यादों में
राहुल गांधी ने जिस संस्कृत मंत्र को याद किया, वह बृहदारण्यक उपनिषद का प्रसिद्ध मंत्र है—
‘असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मा अमृतं गमय।’
इसका सरल अर्थ है- हमें असत्य से सत्य की ओर ले चलो, अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो और मृत्यु से अमरता की ओर ले चलो। मंत्र के अंत में राहुल ने ‘ओम शांति, शांति, शांति’ भी लिखा।
दादी की सीख, जिंदगीभर की याद
इंदिरा गांधी देश की राजनीति का एक बड़ा नाम रही हैं, लेकिन राहुल गांधी की इस पोस्ट में उनकी एक अलग ही तस्वीर दिखाई देती है। यहां वह एक प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि अपने पोते को प्यार से संस्कृत का मंत्र सिखाने वाली दादी के रूप में याद की गई हैं।
राहुल की यह पोस्ट बताती है कि बचपन में परिवार के साथ बिताए कुछ पल कितने अनमोल होते हैं। वक्त बीत जाता है, लेकिन अपनों की आवाज, उनकी सीख और उनसे जुड़ी यादें हमेशा दिल में बनी रहती हैं।

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