निर्वाचन आयोग पर 8 घंटे के धरने के मामले में राहुल गांधी को 10 सांसदों समेत बलपूर्वक हिरासत में लिया!
नई दिल्ली। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी चुनाव प्रणाली में कथित अनियमितता के खिलाफ बुधवार को ‘इंडिया’ गठबंधन के मार्च में धुरी के रूप में सामने आए। वे निर्वाचन आयोग मुख्यालय से कुछ दूरी पर आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठे। इसका समापन करीब 8 घंटे बाद उनको बलपूर्वक हिरासत में लिए जाने पर हुआ। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल और कांग्रेस एवं कुछ अन्य विपक्षी दलों के नेताओं समेत 260 लोगों को भी हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए लोगों में 10 सांसद भी शामिल थे।
नई दिल्ली में इस राजनीतिक नाटकीय घटनाक्रम की शुरुआत विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों के मार्च से हुई, जो संसद भवन से निर्वाचन सदन के लिए निकाला था। पुलिस ने विपक्षी दलों के सांसदों को संसद मार्ग पर नीति आयोग और आकाशवाणी भवन के सामने रोक दिया। इसके बाद विपक्षी दलों के सांसद सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद पुलिस ने कई विपक्षी सांसदों को हिरासत में ले लिया, हालांकि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस तथा सहयोगी दलों के कुछ नेता आकाशवाणी भवन परिसर में एक बरगद के पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं का धरना 12.20 बजे आरंभ हुआ।
सांसद निर्वाचन आयुक्त से मिलना चाहते
इस दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ‘वोट चोरी’ के जरिए देश को ‘हाईजैक’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि यह देशद्रोह है और ऐसा करने वाले बच नहीं पाएंगे। विपक्षी दलों के सांसद निर्वाचन आयुक्त से मिलना चाहते हैं और उनको मिलना पड़ेगा।
विपक्षी दलों के अन्य नेताओं को बलपूर्वक उठाया
कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के धरने पर बैठने के बाद वहां पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता भी जमा हो गए और अपने नेताओं के पक्ष में तथा सरकार और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने रात करीब आठ बजे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्षी दलों के अन्य नेताओं को बलपूर्वक उठाया, हिरासत में लिया तथा उन्हें बस में बैठाकर वहां से ले गई।
हिरासत में लेकर किंग्सवे कैम्प ले जाया गया
इन्हें जीटीबी नगर इलाके में स्थित किंग्सवे कैम्प ले जाया गया। पुलिस ने कांग्रेस सांसदों के सी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा, के सुरेश, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और इमरान प्रतापगढ़ी के साथ ही तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन, समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्ला नदवी और कुछ अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिया। इससे पहले, ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसद सुबह 11 बजे संसद भवन के मकर द्वार से निर्वाचन आयोग के मुख्यालय ‘निर्वाचन सदन’ की ओर मार्च के लिए रवाना हुए। संसद मार्ग पर नीति आयोग भवन के निकट सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद सांसद वहीं धरने पर बैठ गए।

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