DGCA के नए सुरक्षा नियमों पर हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों की हड़ताल, चारधाम चार्टर सेवाएं ठप

DGCA के नए सुरक्षा नियमों पर हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों की हड़ताल, चारधाम चार्टर सेवाएं ठप

नई दिल्ली। बद्रीनाथ के पास हेलीकॉप्टर दुर्घटना में पायलट समेत 6 लोगों की मौत के बाद नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने चारधाम क्षेत्र में हवाई सेवाओं के सुरक्षा नियम सख्त कर दिए हैं। नए निर्देश के तहत सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर से संचालित चार्टर उड़ानों में अब 2 पायलट रखना अनिवार्य होगा। इस फैसले के विरोध में निजी हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों ने अपनी चार्टर सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। इससे चारधाम यात्रा के दौरान हवाई सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
निजी कंपनियों का कहना है कि प्रत्येक उड़ान में अतिरिक्त पायलट की व्यवस्था करने से परिचालन खर्च काफी बढ़ जाएगा। इसका बोझ अंततः यात्रियों पर पड़ेगा और हेलीकॉप्टर का किराया भी बढ़ाना पड़ सकता है। ऑपरेटरों के मुताबिक, मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में नए नियमों का पालन करना उनके लिए मुश्किल है।

उड़ानों का संचालन रुक गया
हालांकि, इस विरोध का असर केदारनाथ की नियमित शटल सेवा पर नहीं पड़ा है। शेरसी, फाटा और गुप्तकाशी से केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर पहले की तरह उड़ान भर रहे हैं। इन स्थानों से धाम तक पहुंचने में करीब 7 मिनट लगते हैं। लिहाजा श्रद्धालुओं की नियमित आवाजाही जारी है। सबसे ज्यादा असर देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड से केदारनाथ और बद्रीनाथ के लिए चलने वाली लंबी दूरी की चार्टर उड़ानों पर पड़ा है। निजी ऑपरेटरों के सेवा बंद करने से फिलहाल इन उड़ानों का संचालन रुक गया है। इससे उन यात्रियों को परेशानी हो रही है, जिन्होंने सीधे चार्टर हेलीकॉप्टर से धाम पहुंचने की योजना बनाई थी।

एयर ट्रैफिक कंट्रोल स्थापित
हवाई सुरक्षा और मौसम की निगरानी के लिए शेरसी सेक्टर में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) भी स्थापित किया गया है। यहां से हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों को मौसम की ताजा जानकारी दी जा रही है, ताकि मौसम बिगड़ने से पहले उड़ानों को लेकर जरूरी फैसला लिया जा सके।
चारधाम क्षेत्र में मौसम अनुकूल रहने पर प्रतिदिन करीब 50 से 60 चार्टर उड़ानें संचालित होती थीं। नए नियमों के विरोध में लंबी दूरी की सेवाएं बंद होने से हवाई यातायात प्रभावित हुआ है। फिलहाल नियमित केदारनाथ हेली सेवा जारी है, लेकिन चार्टर सेवाओं की बहाली को लेकर ऑपरेटरों और विमानन नियामक के बीच सहमति बनना जरूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ज़रूर पढ़ें (Latest News)

Live TV LIVE STREAM