CEC के खिलाफ ‘जन महाभियोग’ पर सियासी संग्राम, थरूर बोले- दूसरा रास्ता नहीं; BJP ने उठाए सवाल

CEC के खिलाफ ‘जन महाभियोग’ पर सियासी संग्राम, थरूर बोले- दूसरा रास्ता नहीं; BJP ने उठाए सवाल

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की निष्पक्षता और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ गया है। ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर सवाल उठाते हुए इंडिया गठबंधन ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर ‘जन महाभियोग’ नाम से मॉक संसद का आयोजन किया है। विपक्ष का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त अब निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराने की जिम्मेदारी निभाने में सक्षम नहीं रह गए हैं। वहीं, भाजपा ने इस आयोजन को लोकतंत्र का मजाक और कांग्रेस की राजनीतिक नौटंकी बताया है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कार्यक्रम का बचाव करते हुए कहा कि विपक्ष के पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। उनका कहना है कि कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग के जो नोटिस दिए गए, उन्हें लोकसभा और राज्यसभा में स्वीकार नहीं किया गया। ऐसे में विपक्ष को संसद के बाहर यह आयोजन करना पड़ रहा है।

संसद में नोटिस स्वीकार होता तो वहीं उठाते मुद्दा
थरूर ने कहा कि इंडिया गठबंधन का यह कार्यक्रम जनता को यह बताने के लिए है कि विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्रीय गृह मंत्री राज्यसभा के पीठासीन अधिकारी और लोकसभा अध्यक्ष से महाभियोग का नोटिस स्वीकार करने का आग्रह करें, तो विपक्ष इस मुद्दे को संसद के भीतर उठाने के लिए तैयार है।
इंडिया गठबंधन की प्रस्तावित महारैली को लेकर थरूर ने बताया कि इसके लिए अनुमति मिल चुकी है। उन्हें उम्मीद है कि इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। उनके मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग इस आयोजन में पहुंच रहे हैं।

भाजपा बोली- राहुल गांधी को खुश करने की नौटंकी
विपक्ष के आयोजन पर भाजपा ने तीखा हमला बोला है। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि देश में अराजकता फैलाने की कोशिशों में नाकाम रहने के बाद कांग्रेस अब अपने ‘शहजादे’ राहुल गांधी को संतुष्ट करने के लिए मॉक संसद का आयोजन कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस आयोजन के जरिए यह भ्रम पैदा करना चाहती है कि संसद में उसकी बात नहीं सुनी जा रही और वह अपनी पसंद के तरीके से अलग संसद चला रही है।
त्रिवेदी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि उसकी इस मॉक संसद का मजाक सीमा पार तक उड़ रहा है। उन्होंने विश्व बैंक की 2025 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रिपोर्ट में 2012 से 2023 के बीच भारत की 27.6 प्रतिशत आबादी के अत्यधिक गरीबी से बाहर आने का उल्लेख है। उनके मुताबिक, अब देश में अत्यधिक गरीबी की रेखा के नीचे रहने वाली आबादी घटकर 2.6 प्रतिशत रह गई है।

खरगे पेश करेंगे प्रस्ताव, राहुल गांधी का संबोधन होगा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आयोजित मॉक संसद को विपक्ष ने ‘जन महाभियोग’ नाम दिया है। इस आयोजन में इंडिया गठबंधन के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव पेश करेंगे। विपक्ष का मकसद कथित वोट चोरी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर अपनी आपत्तियां सार्वजनिक रूप से रखना है। कार्यक्रम में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित विपक्ष के कई प्रमुख नेता शामिल हुए हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कार्यक्रम के अंतिम चरण में संबोधित करेंगे।
विपक्ष इस आयोजन के जरिए चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाने के साथ चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी शिकायतों को जनता के बीच ले जाना चाहता है। दूसरी ओर, भाजपा इसे संवैधानिक संस्थाओं पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बता रही है। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच सियासी खींचतान और तेज होने के आसार हैं।

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