प्लॉट गिरवी रखकर 60 लाख का लोन, रकम लौटाने से इनकार; एक ही जमीन पर 4-5 जगह से कर्ज लेने का आरोप
इंदौर। जमीन गिरवी रखकर 60 लाख रुपए का कर्ज लिया, फिर रकम लौटाने के बजाय उसी संपत्ति को दूसरे लोगों के हाथ बेच दिया। जब फाइनेंस कंपनी ने पैसे वापस मांगे तो दंपती ने साफ कह दिया- ‘हम पैसे नहीं देंगे, उल्टे झूठे केस में फंसा देंगे, जो बने वो कर लो।’ धोखाधड़ी का यह मामला बिजलपुर इलाके का है।
शिकायत की जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने शनिवार को पति-पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। मामले में डीसीपी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक, नवलखा स्थित जी-27, प्रेस्टीज टावर, इंदिरा कॉम्प्लेक्स में संचालित सोलफुल निधि लिमिटेड के संचालक शरद कुमार पोरवाल ने शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि क्रिस्टल अपार्टमेंट, बिजलपुर निवासी हकीमुद्दीन सैफी और उसकी पत्नी फातिमा सैफी ने 21 दिसंबर 2022 को अपनी जमीन गिरवी रखकर कंपनी से 60 लाख रुपए का ऋण लिया था। यह संपत्ति बिजलपुर के पटवारी हल्का नंबर 10 में स्थित प्लॉट नंबर 461, मस्किन-ए-सैफिया है, जिसका क्षेत्रफल 1,500 वर्ग फीट है।
दूसरे के नाम कर दी रजिस्ट्री
शिकायत के अनुसार, दंपती ने तय समय में न तो कर्ज की किस्त चुकाई और न मूल रकम लौटाई। कंपनी की ओर से कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस बीच जांच में पता चला कि 5 दिसंबर 2023 को आरोपियों ने गिरवी रखी जमीन की कथित तौर पर फर्जी और कूटरचित रजिस्ट्री तैयार कर उसे हुसैना रसूलवाला और जहरा रसूलवाला के नाम बेच दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दंपत्ति ने इसी संपत्ति के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर 4-5 अन्य बैंकों और निजी लोगों से भी कर्ज लिया। जिस जमीन को पहले ही फाइनेंस कंपनी के पास गिरवी रखा जा चुका था, उसी के आधार पर अलग-अलग जगहों से रकम हासिल करने का आरोप है। फिलहाल इस प्लॉट पर किसी तीसरे पक्ष द्वारा बिना अधिकार निर्माण कार्य कराए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।
फोन बंद, वाट्सएप पर धमकी
शरद पोरवाल के मुताबिक, जब उन्होंने दंपत्ति से कर्ज की रकम लौटाने के लिए संपर्क किया तो हकीमुद्दीन ने फोन बंद कर लिया। बाद में वह केवल व्हाट्सएप के जरिए बातचीत करता रहा। आरोप है कि उसने साफ शब्दों में कहा, ‘तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। मैं तुमसे मिलूंगा ही नहीं।’ वहीं, पत्नी फातिमा सैफी ने भी रकम लौटाने से इनकार करते हुए धमकी दी कि ‘हम पैसे नहीं देंगे। उल्टे झूठे केस में फंसा देंगे, जो बने वो कर लो।’
लगातार टालमटोल और धमकियों से परेशान होकर कंपनी संचालक ने क्राइम ब्रांच में शिकायत की। डीसीपी के निर्देश पर पुलिस ने हकीमुद्दीन सैफी और फातिमा सैफी के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब जमीन की रजिस्ट्री, ऋण संबंधी दस्तावेजों और अन्य वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। मामले में यह भी पता लगाया जाएगा कि कथित तौर पर एक ही संपत्ति के दस्तावेजों के आधार पर कितने लोगों और संस्थाओं से रकम ली गई।

Leave a Reply