पुराने इंदौर के मकानों के नीचे से गुजरेगी मेट्रो ट्रेन, जर्मनी और थाईलैंड से आ रहीं खुदाई की मशीनें!

पुराने इंदौर के मकानों के नीचे से गुजरेगी मेट्रो ट्रेन, जर्मनी और थाईलैंड से आ रहीं खुदाई की मशीनें!

इंदौर। शहर की जमीन के नीचे से मेट्रो ट्रेन को चलाने की ऐतिहासिक तैयारी अंतिम चरण में पहुंच चुकी। सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक रेल सुरक्षा आयुक्त से हरी झंडी मिलने के बाद अब भूमिगत मार्ग के निर्माण कार्य को नई गति मिलने वाली है। इस बेहद जटिल काम को अंजाम देने के लिए जमीन के भीतर 20 मीटर की गहराई तक खुदाई करने में सक्षम 4 अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीनें बहुत जल्द इंदौर पहुंचेगी। इन विशालकाय मशीनों के सबसे महत्वपूर्ण कलपुर्जों का निर्माण जर्मनी में किया गया, जबकि इन्हें पूरी तरह से जोड़ने और तैयार करने का काम थाईलैंड में चल रहा है।

सौ साल पुराने मकानों को बिना छुए निकलेगा रास्ता
शहर के मध्य क्षेत्र में बनने वाला मेट्रो का भूमिगत मार्ग कई मायनों में चुनौतीपूर्ण है। क्योंकि, इस रास्ते के ठीक ऊपर 100-100 साल पुराने ऐतिहासिक और रिहायशी मकान बने हुए हैं। खुदाई के दौरान इन प्राचीन धरोहरों और मकानों को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए बेहद पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इंदौर की भौगोलिक स्थिति और यहां की जमीन के भीतर मौजूद कठोर चट्टानों, नरम मिट्टी तथा मुरम की मिली-जुली परतों को ध्यान में रखकर इन मशीनों को खास तौर पर तैयार किया गया है। अधिकारियों ने इसे मिश्रित परत वाली खुदाई मशीन का नाम दिया है। हाल ही में मेट्रो निगम, निर्माण एजेंसी और सलाहकार विशेषज्ञों के दल ने जर्मनी तथा थाईलैंड का दौरा करके इन मशीनों की कार्यक्षमता का अंतिम परीक्षण भी पूरा कर लिया है।

जुलाई से शुरू होगा जमीन के नीचे का खुदाई
प्रशासन की योजना के अनुसार, आगामी जुलाई महीने से जमीन के सीने को चीरकर टनल बनाने का काम अमली जामा पहनेगा। इंदौर पहुंचने वाली चारों मशीनें हवाईअड्डे और नगर निगम की दिशा से अपने काम की शुरुआत करेंगी। ये मशीनें धरातल से लगभग 20 मीटर नीचे उतरकर समानांतर रूप से पटरियों और स्टेशनों के लिए रास्ता बनाएंगी। इस बीच, छोटा गणपति स्टेशन के निर्माण के लिए एक अन्य आधुनिक पद्धति का उपयोग किया जा रहा है, जहां वर्तमान में भी खुदाई का काम तेजी से जारी है।

विवादों के बाद खजराना रूट में बड़ा बदलाव
गत दिनों हुए कुछ विवादों के बाद खजराना के आगे के मेट्रो मार्ग में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। पूर्व की योजना के मुताबिक महात्मा गांधी मार्ग पर ट्रेजर मॉल तक ट्रेन को जमीन से ऊपर ऊंचे पुल पर चलाया जाना था। लेकिन, अब बदले हुए फैसले के तहत मेट्रो खजराना के बाद से पूरी तरह जमीन के नीचे ही चलेगी। इस बड़े बदलाव के कारण निर्माण से जुड़े निविदा दस्तावेजों को दोबारा संशोधित किया जा रहा है। दूसरी तरफ, शहीद पार्क से लेकर खजराना स्टेशन तक पटरियों और स्टेशनों का ढांचा अब साफ तौर पर आकार लेने लगा है।

जल्द जनता के लिए दौड़ेगी ट्रेन, परीक्षण का दौर जारी
शहर में मेट्रो के घेरा मार्ग का काम रेडिसन तक सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। गांधी नगर से लेकर रेडिसन तक के 17 किलोमीटर लंबे इस पूरे मार्ग पर मेट्रो ट्रेन की सुरक्षा और गति को जांचने के लिए परीक्षण लगातार किए जा रहे हैं। यद्यपि आम नागरिकों के लिए इस मार्ग पर मेट्रो सेवा की शुरुआत तभी हो पाएगी, जब प्रधानमंत्री कार्यालय से इसके संचालन को लेकर अंतिम आधिकारिक अनुमति मिल जाएगी। इसके बाद इंदौर वासी इस आधुनिक परिवहन सेवा का लाभ उठा सकेंगे।

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