‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ गाने वाले सुनील लोधी की आंखों का होगा इलाज, मुंबई में विशेषज्ञ करेंगे जांच

‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ गाने वाले सुनील लोधी की आंखों का होगा इलाज, मुंबई में विशेषज्ञ करेंगे जांच

नई दिल्ली। भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान…’ से घर-घर में पहचान बनाने वाले बुंदेली लोक गायक सुनील लोधी की जिंदगी में अब रोशनी की नई उम्मीद जगी है। जन्म से दृष्टिबाधित सुनील की आंखों का इलाज फिल्म ‘हनुमान अंश’ की निर्माता अनुप्रिया नागर कराने जा रही हैं। उन्होंने मुंबई के एक नेत्र रोग विशेषज्ञ से इस संबंध में बात भी कर ली है।
सुनील के मुंबई पहुंचने के बाद डॉक्टर उनकी आंखों की विस्तृत जांच करेंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि उनकी आंखों की रोशनी लौटने की कितनी संभावना है और उनके लिए किस तरह का इलाज संभव होगा। सागर जिले के रहने वाले सुनील लोधी ने दृष्टिबाधिता को कभी अपनी गायकी की राह में बाधा नहीं बनने दिया। बुंदेली लोक गायकी को उन्होंने अपनी पहचान बनाया और अपनी आवाज के जरिए लोगों तक पहुंचे। हालांकि सोशल मीडिया पर उनके गीतों और गायकी के वीडियो पहले भी लोगों का ध्यान खींचते रहे हैं, लेकिन फिल्म ‘हनुमान अंश’ में गाए भजन ने उन्हें व्यापक पहचान दिला दी।
सुनील का भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान…’ फिल्म के साथ लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ। इसके बाद उनकी आवाज की चर्चा बुंदेलखंड से निकलकर देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंची। फिल्म की चर्चा के साथ सुनील लोधी भी लोगों की नजर में आ गए। उनके लिए यह पहचान सिर्फ एक भजन की सफलता नहीं, बल्कि लंबे समय से की जा रही लोक गायकी का बड़ा पड़ाव भी है।



मुख्यमंत्री से भी हुई थी मुलाकात
सुनील की आंखों के इलाज को लेकर इससे पहले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी मदद का भरोसा दिया था। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान सुनील की आंखों के इलाज के संबंध में चर्चा हुई थी और उन्हें हर संभव सहायता देने की बात कही गई थी। अब ‘हनुमान अंश’ की निर्माता अनुप्रिया नागर ने भी उनके इलाज की जिम्मेदारी उठाने की पहल की है।

मुंबई में नेत्र विशेषज्ञ करेंगे जांच
अनुप्रिया नागर की ओर से की गई पहल के तहत सुनील को मुंबई ले जाकर उनकी आंखों की जांच कराई जाएगी। वहां विशेषज्ञ यह देखेंगे कि उनकी आंखों की मौजूदा स्थिति क्या है और चिकित्सा के जरिए दृष्टि लौटने की कोई संभावना है या नहीं। फिलहाल इलाज को लेकर किसी तरह का अंतिम दावा नहीं किया गया है। डॉक्टरों की जांच और सलाह के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय होगी।

फिल्म के भजन ने बदली सुनील की पहचान
सुनील लोधी बचपन से ही दृष्टिबाधित हैं। इसके बावजूद उन्होंने गायकी को अपनी ताकत बनाया। बुंदेली लोकगीतों और भजनों के जरिए वे लंबे समय से अपनी कला को लोगों तक पहुंचाते रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी उनकी गायकी के वीडियो लोगों को पसंद आते रहे हैं। ‘हनुमान अंश’ में उनकी आवाज में रिकॉर्ड किया गया ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान…’ भजन उनकी पहचान का सबसे बड़ा माध्यम बन गया।
नीम करौली बाबा पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ की शुरुआत में दर्शकों की ओर से अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली थी। रिलीज के शुरुआती 2 सप्ताह तक फिल्म की कमाई में खास तेजी नहीं दिखाई दी, लेकिन इसके बाद फिल्म को दर्शकों का साथ मिलने लगा और कमाई की रफ्तार बढ़ी। फिल्म के भजन की लोकप्रियता ने सुनील लोधी को भी चर्चा में ला दिया।
आज सुनील लोधी की आवाज को देशभर में पहचाना जा रहा है। अब उनकी नजरें मुंबई में होने वाली चिकित्सकीय जांच पर हैं। अगर इलाज के जरिए उनकी आंखों की रोशनी लौटने की संभावना बनती है, तो यह उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव होगा। फिलहाल इसके लिए डॉक्टरों की जांच और उनकी सलाह का इंतजार है।

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