कैप्टन स्मित के साहस को पाकिस्तानी क्रिकेटर का सलाम, दानिश कनेरिया बोले ‘यही भारत की भावना!’
नई दिल्ली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान को संकट से निकालने वाले भारतीय कैप्टन स्मित माछर की बहादुरी की चर्चा देश-विदेश में हो रही है। विमान को खतरे में देखकर स्मित ने अपनी जान की परवाह किए बिना आपात संदेश भेजा और यात्रियों को बचाने के लिए मोर्चा संभाला। बाद में दूसरे पायलटों और यात्रियों की मदद से विमान को सुरक्षित उतार लिया गया। विमान में 174 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे।

दानिश कनेरिया ने स्मित के साहस को सराहा
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने भी कैप्टन स्मित के साहस की सराहना की है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि स्मित की हिम्मत बताती है कि इंसानियत का सबसे बेहतर रूप क्या हो सकता है। उन्होंने कहा कि स्मित ने लोगों की जान को सबसे ऊपर रखा और जरूरत के समय यात्रियों को बचाने में मदद की। कनेरिया ने इसे भारत की भावना बताते हुए ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म इंसानियत, जीवन की रक्षा और सभी के साथ समान व्यवहार की सीख देता है, न कि नफरत और कट्टरता की।
सह-पायलट ने ही विमान पर कब्जे की कोशिश की
घटना 30 सितंबर की है। दुबई से तेल अवीव जा रही इस उड़ान में स्मित के साथ मौजूद सह-पायलट ने विमान को अपने कब्जे में लेने की कोशिश की। विरोध करने पर उसने स्मित पर हमला कर दिया। इसी दौरान स्मित ने विमान में आपात स्थिति और हाईजैक का संकेत भेज दिया। विमान करीब 14,000 फीट नीचे आ गया था। स्थिति बिगड़ने के बावजूद स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे विमान में मौजूद दूसरे लोग भी खतरे को समझ सके।
विमान में आगे बैठे यात्रियों ने हमलावर पायलट को पकड़ लिया। सादे कपड़ों में मौजूद अन्य पायलटों ने कॉकपिट संभाला और विमान को दुर्घटना से बचाया। बोर्ड पर मौजूद दूसरे पायलटों की मदद से विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। विमान में सवार सभी 174 यात्री सुरक्षित बताए गए हैं। घटना के दौरान घायल हुए कैप्टन स्मित का इलाज चल रहा है। उनकी हालत स्थिर बताई गई है। विमान को सुरक्षित उतारने में उनके साथ मौजूद दूसरे पायलटों और यात्रियों की भूमिका भी अहम रही।
मोदी और नेतन्याहू ने भी सराहा
कैप्टन स्मित के साहस की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तारीफ की है। उन्होंने स्मित को नायक बताते हुए कहा कि उनकी हिम्मत से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी दुर्घटना टली। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी स्मित को असली नायक बताया। उन्होंने कहा कि गंभीर चोट लगने के बावजूद स्मित ने हमले का विरोध किया और यात्रियों तथा चालक दल को हमलावर पर काबू पाने का मौका दिया।
विमान उड़ाने का लंबा अनुभव
मुंबई के रहने वाले स्मित ने शुरुआत में टेक्सटाइल इंजीनियरिंग और प्रबंधन की पढ़ाई की थी। बाद में विमानन क्षेत्र से जुड़े एक सेमिनार में हिस्सा लेने के बाद उन्होंने पायलट बनने का फैसला किया। उन्होंने स्पाइसजेट में लंबे समय तक काम किया और वर्ष 2022 से फ्लाईदुबई में कैप्टन हैं। उनके पास करीब 9,750 घंटे उड़ान का अनुभव है।

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