450 करोड़ के ‘वर्ल्ड क्लास’ रानी कमलापति स्टेशन पर घूमती दिखीं भैंसें, प्लेटफॉर्म पर गोबर से उठे सुरक्षा और व्यवस्था पर सवाल
भोपाल- रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर भैंसों के घूमने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। 450 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाओं और एयरपोर्ट जैसी यात्री सेवाओं के लिए जाना जाता है। वीडियो सामने आने के बाद रेलवे की सुरक्षा, साफ-सफाई और स्टेशन प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं।
रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर भैंसें
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित रानी कमलापति रेलवे स्टेशन एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह इसकी आधुनिक सुविधाएं नहीं बल्कि प्लेटफॉर्म पर घूमती दिखाई दीं भैंसें हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दो भैंसें प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के बीच से गुजरती दिखाई दे रही हैं। वीडियो में भैंसें ट्रेन के पास तक पहुंचती नजर आती हैं। इसके बाद स्टेशन की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
450 करोड़ से बना वर्ल्ड क्लास स्टेशनरानी कमलापति रेलवे स्टेशन को करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से पीपीपी मॉडल पर विकसित किया गया है। इसे मध्य प्रदेश का पहला विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन बताया गया था। स्टेशन पर एयरपोर्ट जैसी यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। यहां आधुनिक एयर कॉनकोर्स, एस्केलेटर, लिफ्ट, एसी वेटिंग रूम, फूड कोर्ट, रेस्टोरेंट और अन्य सुविधाएं विकसित की गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर 2021 को पुनर्विकसित स्टेशन को राष्ट्र को समर्पित किया था।
एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के दावे के बीच प्लेटफॉर्म पर भैंसें
रानी कमलापति स्टेशन को विकसित करते समय इसे ऐसे आधुनिक रेलवे स्टेशन के तौर पर पेश किया गया था, जहां यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्टेशन के उद्घाटन के दौरान कहा था कि जो सुविधाएं पहले एयरपोर्ट पर उपलब्ध थीं, वे अब रेलवे स्टेशनों पर भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसे में प्लेटफॉर्म पर भैंसों के पहुंचने का वीडियो इस पूरे दावे पर सवाल खड़े कर रहा है। खास तौर पर तब, जब स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए आधुनिक निगरानी व्यवस्था होने की बात कही गई थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
वायरल वीडियो में भैंसें प्लेटफॉर्म पर ट्रेन के बेहद करीब दिखाई दे रही हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर है। अगर मवेशी स्टेशन के प्लेटफॉर्म तक आसानी से पहुंच सकते हैं, तो सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है, यह सवाल उठना स्वाभाविक है। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि स्टेशन के बाहरी हिस्से से रास्ता खुला रहने के कारण मवेशियों के अंदर आने की संभावना बनी। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी शिव शंकर शाह ने मामले को दिखवाने की बात कही है। उनके अनुसार स्टेशन की सुरक्षा की जिम्मेदारी रेलवे और संबंधित एजेंसी की है तथा सुरक्षा में कमी मिलने पर उसे ठीक किया जाएगा।
गोबर से सफाई व्यवस्था पर भी सवाल
भैंसों के प्लेटफॉर्म पर पहुंचने के साथ ही वहां गोबर होने की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं। इससे स्टेशन की साफ-सफाई और नियमित निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार स्टेशन से यात्रियों को आधुनिक और बेहतर अनुभव देने की उम्मीद की जाती है। ऐसे में प्लेटफॉर्म पर मवेशियों का घूमना और गंदगी का फैलना स्टेशन प्रबंधन के लिए गंभीर चिंता का विषय है। फिलहाल रेलवे की ओर से मामले की जांच की बात कही गई है। अब देखना होगा कि भैंसें प्लेटफॉर्म तक कैसे पहुंचीं और भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए रेलवे क्या कदम उठाता है।

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