19 साल के भारतीय साइबर रिसर्चर निसर्ग अधिकारी को अमेरिकी न्याय विभाग ने सम्मानित किया, सीबीएससी पोर्टल में खोजी थीं खामियां!
वाशिंगटन। भारतीय साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर और एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी ने अपनी प्रतिभा के दम पर एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। मात्र 19 वर्ष की आयु में उन्हें अमेरिका के न्याय विभाग यानी ‘यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस’ के हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया है। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी की वेबसाइट में तकनीकी कमियों का पता लगाकर उनकी जिम्मेदारी पूर्वक जानकारी देने के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला है।
निसर्ग अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस सम्मान की जानकारी साझा करते हुए न्याय विभाग के उस एकनॉलेजमेंट पेज का स्क्रीनशॉट भी दिखाया, जिसमें उन शोधकर्ताओं के नाम दर्ज हैं जिन्होंने सिस्टम की खामियों को सुरक्षित तरीके से उजागर किया। उन्होंने अमरीकी न्याय विभाग की वेबसाइट खोलकर अपने द्वारा तैयार किए गए टूल्स की मदद से सुरक्षा जांच की और कमियों का पता लगाकर अधिकारियों को सूचित किया था।

सीबीएसई पोर्टल में खामियां खोजी
इससे पहले निसर्ग उस समय चर्चा में आए थे जब उन्होंने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग पोर्टल की सुरक्षा प्रणालियों में बड़ी कमियों को उजागर किया था। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म बोर्ड परीक्षाओं के अंक अपलोड करने और परिणाम तैयार करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इतनी कम उम्र में उनकी इस असाधारण कुशलता को देखते हुए इसी साल जून में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के सीथ्रीआईहब ने उन्हें ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस और थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया था। संस्थान से जुड़ने के बाद से वे लगातार साइबर सुरक्षा प्रणालियों की मजबूती पर काम कर रहे हैं।
13 साल की उम्र से रुचि जागी
साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में निसर्ग की यह रुचि तब शुरू हुई थी जब वे महज 13 वर्ष के थे। कंप्यूटर की दुनिया को गहराई से समझने की उनकी लगन ने उन्हें आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। अमरीकी एजेंसी द्वारा मिला यह सम्मान न केवल उनके उज्ज्वल भविष्य को दर्शाता है बल्कि देश के युवाओं के लिए साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं भी खोलता है।08:46 AM

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