पन्ना (सलेहा)। पन्ना जिले के शाहनगर विकासखंड में शिक्षा विभाग को कटघरे में खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। मेन्हा संकुल के अंतर्गत शासकीय माध्यमिक शाला भोपार की प्रभारी प्रधान अध्यापक सत्या सिंह ने कक्षा 8वीं उत्तीर्ण कर चुके 2 छात्रों के स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) पर लाल स्याही से ‘चरित्रहीन’ लिख दिया। इतना ही नहीं, सरकारी दस्तावेज में यह भी दर्ज कर दिया कि छात्रों ने शासकीय अभिलेखों के साथ छेड़छाड़ की है। इस टिप्पणी के सामने आने के बाद छात्रों और उनके परिवारों में भारी चिंता फैल गई।
बताया गया कि वर्ष 2025-26 में स्कूल से उत्तीर्ण हुए इन दोनों छात्रों की टीसी के आचरण संबंधी कॉलम में पहले ‘अच्छा नहीं था’ लिखा गया। इसके बाद सबसे नीचे विशेष टिप्पणी वाले स्थान पर लाल पेन से लिखा गया ‘टीप चरित्रहीन, सरकारी दस्तावेज के साथ छेड़खानी करना।” इस टिप्पणी के कारण दोनों छात्रों के सामने दूसरे स्कूल में प्रवेश का संकट खड़ा हो गया, क्योंकि ऐसी टीसी के आधार पर दाखिला मिलना लगभग असंभव था।
इस मामले की पृष्ठभूमि भी सामने आई है। ग्रामीणों ने फरवरी में ही कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि छात्रावास आश्रम प्रभारी एवं माध्यमिक शाला प्रभारी शिक्षिका सत्या सिंह छात्रों को टीसी में ‘चरित्रहीन’ लिखने की धमकी दे रही हैं। बाद में वही बात सरकारी दस्तावेज में दर्ज कर दी गई। शिकायत के बावजूद उस समय शिक्षा विभाग ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
दोनों को नई टीसी जारी की गई
मामला सामने आने के बाद प्रधान अध्यापक सत्या सिंह के दोनों मोबाइल नंबर बंद बताए जा रहे हैं। इधर, विवाद बढ़ने पर जिला शिक्षा अधिकारी आकांक्षा रावत ने तत्काल हस्तक्षेप किया। उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) से चर्चा की गई और बच्चों के हित को देखते हुए त्रुटिपूर्ण टीसी में सुधार कराकर दोनों छात्रों को नए ट्रांसफर सर्टिफिकेट जारी कर दिए गए। छात्रों को संशोधित टीसी मिल चुकी है, लेकिन पहले मिली विवादित टीसी को लेकर स्थानीय लोगों और परिजनों में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि 13-14 वर्ष के बच्चों के चरित्र पर इस तरह की टिप्पणी करना न केवल अनुचित है, बल्कि उनके भविष्य को नुकसान पहुंचाने का प्रयास भी है।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष संतोष सिंह यादव ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया था और उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को इसकी जानकारी भी दी थी। उन्होंने कहा कि संबंधित प्रधानाध्यापक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) किरण कौशिक ने भी स्वीकार किया कि मामला उनके संज्ञान में है और संबंधित प्रधानाध्यापक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि शिक्षा विभाग इस मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए क्या कदम उठाता है।