इंदौर में पिस्टल लेकर पार्षद पति पर हमला करने पहुंचा विधायक गोलू शुक्ला का करीबी, फ्लैट में छिपकर जान बचाई, पुराने विवाद में समझौते का दबाव!
इंदौर। शहर के उषागंज स्थित गीतांजलि अपार्टमेंट में भाजपा पार्षद पंखुड़ी डोसी के पति और प्रॉपर्टी कारोबारी सुमित तलरेजा पर हमले का मामला सामने आया है। सुमित ने विधानसभा क्षेत्र-3 के भाजपा विधायक गोलू शुक्ला के करीबी विपिन चिंतामन पर पिस्टल लेकर साथियों के साथ हमला करने पहुंचने का आरोप लगाया है। जान बचाने के लिए उन्हें दूसरे माले पर पड़ोसी के फ्लैट में छिपना पड़ा। आरोपियों ने घर के बाहर लगे पार्षद के बोर्ड को चाकू से फाड़ दिया और गमलों, गाड़ी व कुर्सियों में तोड़फोड़ की। सुमित की पत्नी पर भी गमला फेंकने का आरोप है। पीड़ित ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मुख्य आरोपी को बचाने की आशंका जताई है।
जाल सभागृह में पिस्टल दिखाकर दी धमकी
सुमित तलरेजा के मुताबिक, गुरुवार रात वे जाल सभागृह में आयोजित एक संगोष्ठी में शामिल होने गए थे। वहां विधानसभा-3 के अनुसूचित जाति नगर महामंत्री विपिन चिंतामन और अनुसूचित जाति के सहसंपर्क प्रमुख सुमित खरे अपने साथियों के साथ मौजूद थे। आरोप है कि बाहर निकलते समय दोनों ने उन्हें घेर लिया। विपिन ने कमर से पिस्टल निकालकर दिखाई और पुराने मामले में समझौता करने का दबाव बनाया।
वहां से निकलकर सुमित घर पहुंचे और अपार्टमेंट परिसर में स्थित अपने कार्यालय के बाहर पत्नी से बात कर रहे थे। इसी दौरान उनके दोस्त बंटी सिलावट का फोन आया। उसने बताया कि कुछ लोग समझौते के सिलसिले में बातचीत करना चाहते हैं। बंटी के पहुंचने पर बातचीत शुरू हुई, लेकिन कुछ देर बाद विवाद फिर बढ़ गया।
दूसरे माले तक पीछा, घर के बाहर जमकर तोड़फोड़
सुमित का आरोप है कि कुछ समय बाद विपिन चिंतामन और सुमित खरे, प्रशांत करोसिया, अंश सिरसिया, विशाल बौरासी, प्रिंस सिरसिया और ऋषि सिरसिया समेत आधा दर्जन से अधिक लोगों के साथ वहां पहुंच गए। उन्हें देखते ही आरोपियों ने दौड़कर हमला करने की कोशिश की। सुमित सीढ़ियों से भागकर दूसरे माले पर पहुंचे और पड़ोसी के फ्लैट में छिप गए।
उनके मुताबिक, विपिन पिस्टल लेकर नीचे खड़ा रहा, जबकि उसके साथी दूसरे माले तक पहुंच गए। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उनके दरवाजे पर लातें मारीं। घर के बाहर लगा पार्षद का बोर्ड चाकू से फाड़ दिया और गमलों, गाड़ी तथा कुर्सियों में तोड़फोड़ की। आरोपियों ने सुमित और उनकी पत्नी को जान से मारने की धमकी भी दी। सुमित के नहीं मिलने पर उनकी पत्नी की तरफ गमला फेंका गया। शोर सुनकर आसपास के लोग जुटने लगे तो आरोपी भाग निकले।
शराब दुकान हटवाने के बाद शुरू हुई रंजिश
सुमित ने विवाद की वजह वर्ष 2024 में शराब दुकान हटवाने को लेकर शुरू हुई रंजिश को बताया है। उनका कहना है कि भाजपा कार्यालय के पीछे संचालित शराब दुकान का रहवासियों के साथ मिलकर विरोध किया था। कलेक्टर से शिकायत के बाद दुकान हटवा दी गई थी। इसके बाद तत्कालीन शराब ठेकेदार के करीबियों ने उनसे दुश्मनी पाल ली। सुमित के अनुसार, दुकान हटने के कुछ महीने बाद भाजपा कार्यालय के पीछे वाली गली में कृष्णा खरे, शुमम, करण खरे और उनके एक अन्य साथी ने उन्हें घेरकर मारपीट की थी और सोने की चेन लूट ली थी। इस मामले में संयोगितागंज थाने में प्रकरण दर्ज हुआ था और आरोपियों को जेल भी जाना पड़ा था। बाद में दबाव बनाने के लिए एससी-एसटी एक्ट के तहत निजी शिकायत दर्ज कराई गई, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। उनका आरोप है कि तभी से पुराने मामले में समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा था।
पिस्टल बरामद, फिर भी मुख्य आरोपी का नाम नहीं
घटना के बाद सुमित अपने समर्थकों के साथ संयोगितागंज थाने पहुंचे। उनका आरोप है कि पुलिस ने विपिन चिंतामन से पिस्टल बरामद की, लेकिन शुरुआती कार्रवाई में उसे आरोपी नहीं बनाया। पुलिस ने प्रशांत करोसिया, अंश सिरसिया, सुमित खरे, विशाल बौरासी, प्रिंस सिरसिया और ऋषि सिरसिया के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। सुमित का कहना है कि उन्होंने पुलिस को घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज दिखाकर विपिन की भूमिका बताई थी। इसके बावजूद शुरुआती रिपोर्ट में उसका नाम नहीं था। बाद में नाम जोड़ने की बात कही गई, लेकिन प्रकरण की प्रिंट कॉपी में भी उसका नाम नहीं मिला। पीड़ित ने राजनीतिक दबाव में मुख्य आरोपी को बचाने की आशंका जताई है।
विधायक पर भी धमकाने का आरोप
सुमित तलरेजा का आरोप है कि अपने करीबियों के खिलाफ कार्रवाई से नाराज विधायक गोलू शुक्ला ने उनसे कहा, “ऐसे तो तुम मर जाओगे!” सुमित ने पुलिस से मुख्य आरोपी के खिलाफ उचित धाराओं में कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होने पर वे समाज के लोगों से चर्चा कर आंदोलन करेंगे। फिलहाल, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और विधायक

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