जहरीली शराब कांड के बाद MP सरकार का बड़ा एक्शन, सागर-देवास के कलेक्टर और SP हटाए
भोपाल। मध्यप्रदेश में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामलों के बाद राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। विपक्ष के लगातार हमलों के बीच कैबिनेट बैठक के बाद सोमवार देर शाम सामान्य प्रशासन विभाग और गृह विभाग ने अलग-अलग आदेश जारी कर 5 IAS और 4 IPS अधिकारियों के तबादले कर दिए। सागर और देवास के कलेक्टर तथा एसपी को हटाना इस कार्रवाई का प्रमुख हिस्सा है।
सागर में सितंबर में जहरीली शराब पीने से 30 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद से ही अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठ रही थी। देवास के चंदाना और बिंजाना गांवों में भी 13 लोगों की संदिग्ध मौतों के बाद परिजनों ने जहरीली शराब को इसकी वजह बताया था। हालांकि, प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की थी।
सागर में 7 महीने में बदले कलेक्टर
सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल (IAS 2012 बैच) को हटाकर मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम का प्रबंध संचालक बनाया गया है। उन्हें 10 अप्रैल 2026 को सागर भेजा गया था। करीब 7 महीने में ही उनका तबादला हो गया। एसपी अनुराग सुजानिया (IPS 2014 बैच) को पुलिस मुख्यालय भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) बनाया गया है।
सागर के नए कलेक्टर दिलीप कुमार यादव (IAS 2014 बैच) होंगे। वे इंदौर में दूषित पानी के मामले के बाद नगर निगम आयुक्त पद से हटाए गए थे। बाद में उन्हें पर्यटन विकास निगम का प्रबंध संचालक बनाया गया और अब सागर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नए एसपी संजीव कुमार सिन्हा (IPS 2016 बैच) होंगे। वे अब तक ग्वालियर में 14वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल के सेनानी थे।
देवास में भी प्रशासनिक कार्रवाई
देवास के चंदाना और बिंजाना गांवों में 13 लोगों की संदिग्ध मौतों के बाद सरकार ने कार्रवाई की। कलेक्टर ऋतुराज (IAS 2015 बैच) को मंत्रालय में सामान्य प्रशासन विभाग का उप सचिव बनाया गया है। एसपी पुनीत गहलोत (IPS 2017 बैच) को पुलिस मुख्यालय में AIG बनाया गया है। जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। देवास की नई कलेक्टर नेहा मीना (IAS 2014 बैच) होंगी, जो पहले सिवनी की कलेक्टर थीं। सिवनी में उनकी जगह अंजू अरुण कुमार (IAS) को भेजा गया है। वे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में उप सचिव थीं। देवास के नए एसपी आदित्य मिश्रा (IPS 2018 बैच) होंगे। वे बालाघाट में नक्सल विरोधी अभियान में अहम भूमिका निभा चुके हैं।
विपक्ष के दबाव के बीच जवाबदेही का संदेश
तबादला आदेशों में जहरीली शराब कांड को कार्रवाई का कारण नहीं बताया गया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे दोनों जिलों में हुई मौतों के बाद जवाबदेही तय करने की कोशिश माना जा रहा है। कांग्रेस लगातार सरकार पर जिम्मेदार लोगों को संरक्षण देने के आरोप लगा रही थी। पुलिस दोनों मामलों में मुख्य सप्लायर और शराब दुकानों के प्रबंधकों समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच विशेष जांच दल (SIT) को सौंपी गई है। अधिकारियों को हटाकर सरकार ने सख्ती का संदेश दिया है, लेकिन इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान और ऐसी त्रासदियों को रोकना अब भी बड़ी चुनौती है।

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