MP का अनोखा मंदिर, करवा चौथ पर ही खुलते हैं कपाट; सालभर करना पड़ता है इंतजार
उज्जैन। करवा चौथ का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। लेकिन मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक ऐसा अनोखा मंदिर है, जहां सालभर श्रद्धालुओं को चौथ माता के दर्शन नहीं होते। इस मंदिर के कपाट केवल करवा चौथ के दिन खोले जाते हैं। इस खास मौके पर हजारों महिलाएं माता के दर्शन करने और अपने सुहाग की लंबी उम्र की प्रार्थना करने पहुंचती हैं।
कहां स्थित है चौथ माता का अनोखा मंदिर?
उज्जैन के जीवनखेड़ी गांव में खेतों के बीच स्थित चौथ माता का यह मंदिर श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र है। यह मंदिर इंदौर-उज्जैन फोरलेन के पास उन्हेल बाईपास क्षेत्र में स्थित है। मंदिर का निर्माण समाजसेवी डॉ. कैलाश नागवंशी ने वर्ष 2000 में अपनी मां लक्ष्मीदेवी की स्मृति में कराया था।
साल में एक बार क्यों खुलते हैं कपाट?
मान्यता है कि चौथ माता साल के बाकी दिनों में मंदिर में विश्राम करती हैं। इसी वजह से मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहते हैं और केवल करवा चौथ पर खोले जाते हैं। इस दिन सुबह से ही महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगती है।
तीन रूपों में दर्शन देने की मान्यता
मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार, करवा चौथ के दिन माता सुबह बाल रूप में, दोपहर में किशोरी रूप में और शाम को एक अन्य रूप में दर्शन देती हैं। मंदिर में पार्वती, ऋद्धि-सिद्धि, शुभ-लाभ और संतोषी माता की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं।
श्रद्धालुओं को मिलेगा खास प्रसाद
करवा चौथ के अवसर पर सुहागिन महिलाओं को माता के आशीर्वाद स्वरूप चुनरी, मां कामाख्या का कुमकुम और अभिमंत्रित रुद्राक्ष भेंट किए जाने की परंपरा बताई गई है। श्रद्धालु इस प्रसाद को घर ले जाते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
हर साल उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़
मंदिर के सेवक डॉ. कैलाश नागवंशी के अनुसार, पिछले वर्ष करवा चौथ पर करीब 15 हजार श्रद्धालु पहुंचे थे। इस बार लगभग 20 हजार लोगों के आने का अनुमान जताया गया था। मध्य प्रदेश में चौथ माता का पहला मंदिर होने का दावा भी मंदिर निर्माण से जुड़े लोगों की ओर से किया जाता है।
आस्था का अनोखा केंद्र: साल में सिर्फ एक दिन खुलने वाला यह मंदिर करवा चौथ के अवसर पर उज्जैन की धार्मिक पहचान और श्रद्धालुओं की आस्था का खास केंद्र बन जाता है।

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