देवास शराब कांड: जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया निलंबित, 10 लोगों पर केस दर्ज
देवास। जिले के ग्राम चंदाना और विंजाना में हुई मौतों के मामलों की जांच के दौरान अवैध शराब की बिक्री का खुलासा हुआ है। क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने में नाकामी तथा अधीनस्थ कर्मचारियों की निगरानी में लापरवाही सामने आने पर आबकारी विभाग ने 3 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। पुलिस ने अवैध शराब की बिक्री में कथित रूप से शामिल 10 लोगों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
ग्राम चंदाना और विंजाना में 15 और 18 अक्टूबर को हुई मौतों की जांच के दौरान अवैध शराब का मामला सामने आया। इसके बाद विभाग ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की। जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया को आबकारी आयुक्त ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर अपने क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रखने तथा अधीनस्थ अमले की निगरानी में लापरवाही बरतने का आरोप है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय उज्जैन संभागीय उड़नदस्ता कार्यालय रहेगा।
पवार और खन्ना तत्काल प्रभाव से निलंबित
इसी मामले में सहायक जिला आबकारी अधिकारी नीलेश कुमार पवार और आबकारी उपनिरीक्षक राजश्री खन्ना को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। दोनों पर अपने क्षेत्र में अवैध शराब की गतिविधियों पर रोक लगाने और निगरानी में लापरवाही बरतने के आरोप हैं। निलंबन अवधि में दोनों का मुख्यालय उज्जैन निर्धारित किया गया है।
चंदाना और विंजाना में हुई मौतों के बाद अवैध शराब की बिक्री का मामला सामने आने से आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। पुलिस की जांच के आधार पर 10 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। हालांकि, अवैध शराब की बिक्री और इन मौतों के बीच संबंध की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही होगी।

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