9 हजार रुपए स्टाइपेंड से नाराज बीएएमएस इंटर्न का धरना, मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

9 हजार रुपए स्टाइपेंड से नाराज बीएएमएस इंटर्न का धरना, मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

इंदौर। मध्यप्रदेश में बीएएमएस इंटर्न को हर महीने 9 हजार रुपए स्टाइपेंड दिए जाने के विरोध में विद्यार्थियों ने मोर्चा खोल दिया है। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर छात्रों ने महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री, आयुष मंत्री और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के बाद भी अब तक स्टाइपेंड बढ़ाने और नई दरें लागू करने की तारीख को लेकर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है।

6 महीने एलोपैथिक अस्पतालों में भी काम
इंटर्नशिप के दौरान उन्हें आयुर्वेदिक चिकित्सा के साथ एलोपैथिक अस्पतालों में भी सेवाएं देनी पड़ती हैं। 6 महीने की आयुर्वेदिक इंटर्नशिप पूरी करने के बाद अगले 6 महीने एलोपैथिक अस्पतालों में काम करना होता है। इस दौरान वे मरीजों के उपचार और अस्पताल की व्यवस्थाओं में भी योगदान देते हैं। इसके बावजूद उन्हें महज 9 हजार रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड मिल रहा है। छात्रों ने इस राशि को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि प्रदेश में एमबीबीएस इंटर्न को हर महीने 13 हजार रुपए दिए जाते हैं। ऐसे में बीएएमएस इंटर्न के स्टाइपेंड में भी बढ़ोतरी होनी चाहिए।

राष्ट्रीय आयोग की अधिसूचना के बाद भी बढ़ोतरी नहीं
विद्यार्थियों के मुताबिक, 15 सितंबर को भारतीय चिकित्सा पद्धति के लिए गठित राष्ट्रीय आयोग की ओर से स्टाइपेंड से संबंधित अधिसूचना जारी की गई थी। छात्रों का दावा है कि इसमें आयुष पाठ्यक्रमों के इंटर्न के लिए भी प्रावधान किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद मध्यप्रदेश में स्टाइपेंड की राशि नहीं बढ़ाई गई है।
विद्यार्थियों ने दूसरे राज्यों का उदाहरण देते हुए बताया कि बिहार और राजस्थान में आयुष इंटर्न को 20 हजार से 29 हजार रुपए प्रतिमाह तक स्टाइपेंड मिल रहा है। उनका कहना है कि मध्यप्रदेश में भी स्टाइपेंड बढ़ाकर उचित राशि निर्धारित की जानी चाहिए, ताकि इंटर्न को उनकी सेवाओं के अनुरूप भुगतान मिल सके।

मांग नहीं मानी तो ओपीडी सेवाएं करेंगे बंद
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर निर्णय नहीं होने से नाराज विद्यार्थियों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि मांग पूरी नहीं की गई तो बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) की सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी जाएंगी। इसके साथ ही जूनियर विद्यार्थी कक्षाओं का बहिष्कार भी जारी रखेंगे।
छात्रों के अनुसार, प्रदेश के अन्य आयुष चिकित्सा संस्थानों में भी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांग पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ज़रूर पढ़ें (Latest News)

Live TV LIVE STREAM