सोशल मीडिया की दोस्ती बनी मौत का जाल

सोशल मीडिया की दोस्ती बनी मौत का जाल


राजस्थान के युवक को प्रेमिका ने मध्यप्रदेश बुलाया, पुराने प्रेमी संग मिलकर कर दी हत्या

    भीलवाड़ा। एक युवक की हत्या का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों, भरोसे और लालच की भयावह तस्वीर उजागर कर दी। सोशल मीडिया पर शुरू हुई दोस्ती आखिरकार खून-खराबे में बदल गई। रायसेन पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

फेसबुक से शुरू हुई नजदीकियां
    नरसिंहपुर जिले के साईं खेड़ा क्षेत्र में रहने वाली रीना किरार का अपने पति से अलगाव हो चुका था। पति के छोड़ने के बाद उसका संबंध अरुण पटेल नाम के युवक से हो गया। अरुण रीना और उसके परिवार का खर्च उठाता था। करीब तीन साल पहले रीना की पहचान राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी वीरू उर्फ पप्पू जाट से फेसबुक पर हुई। बातचीत बढ़ी और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। वीरू कई बार राजस्थान से लंबा सफर तय कर रीना से मिलने नरसिंहपुर आता-जाता रहा।
    इसी बीच अरुण को रीना और वीरू के रिश्ते की जानकारी लग गई। इसके बाद घर में विवाद बढ़ने लगा। अरुण को लगने लगा कि रीना पर उसका प्रभाव और उसका खर्च दोनों खतरे में पड़ सकते हैं। इसी वजह से उसने रीना के साथ मिलकर वीरू को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली।

प्यार के बहाने बुलाया, घर में की हत्या
    योजना के मुताबिक 29 अप्रैल को रीना ने वीरू को मिलने के बहाने नरसिंहपुर बुलाया। वीरू को इस बात का अंदेशा तक नहीं था कि जिस घर में वह जा रहा है, वहीं उसकी हत्या की तैयारी हो चुकी है। बताया गया कि जैसे ही वीरू रीना के घर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद अरुण पटेल और उसका साथी हरनाम किरार उस पर टूट पड़े। दोनों ने बेसबॉल के बल्ले से वीरू के सिर पर कई वार किए। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने घर में फैले खून के निशान साफ किए, ताकि किसी को घटना की भनक न लगे।

बोरी में भरकर ले गए शव
     हत्या के बाद आरोपी शव को ठिकाने लगाने की तैयारी में जुट गए। उन्होंने वीरू के शव को एक बोरी में भरा और उसे अपनी एक्सयूवी 700 गाड़ी की डिक्की में रख लिया। रात के अंधेरे में वे नरसिंहपुर से रवाना हुए और करीब 200 किलोमीटर दूर रायसेन जिले के बाड़ी थाना क्षेत्र पहुंचे। वहां नागिन मोड़ सिरवारा पुल के पास करीब 40 फीट गहरी खाई में शव फेंक दिया। आरोपियों को भरोसा था कि इतनी दूर फेंकी गई लाश कभी बरामद नहीं होगी।

एक स्कूल की कॉपी बनी सबसे बड़ा सुराग
    7 मई को पुलिस को सूचना मिली कि पुल के नीचे एक बोरी से तेज दुर्गंध आ रही है। मौके पर पहुंची पुलिस ने बोरी खोलकर देखा तो उसमें एक सड़ी-गली लाश मिली। शव की हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना मुश्किल हो गया था। जांच के दौरान पुलिस को मृतक का बैग मिला। उसमें जूते, कंघी और एक बच्चे की स्कूल कॉपी रखी थी। यही कॉपी पूरे मामले का सबसे अहम सुराग साबित हुई।
    रायसेन पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता के निर्देशन में जांच आगे बढ़ी। कॉपी पर एक शिक्षक के हस्ताक्षर मिले। पुलिस उस शिक्षक तक पहुंची, जहां से पता चला कि कॉपी रीना किरार के बच्चे की है और उसका परिवार कई दिनों से घर से गायब है। इसके बाद पुलिस का शक गहराता चला गया।

उज्जैन में दबोचे गए आरोपी
   हत्या के बाद आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार शहर बदलते रहे। पहले वे बाड़ी से इटारसी पहुंचे, फिर मुंबई के कल्याण इलाके में छिपे रहे। इसके बाद इंदौर होते हुए उज्जैन पहुंचे। साइबर शाखा और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने तीनों आरोपियों रीना किरार, अरुण पटेल और हरनाम किरार को उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में रीना ने हत्या की साजिश और वारदात में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई एक्सयूवी 700 गाड़ी और बेसबॉल का बल्ला भी बरामद कर लिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ज़रूर पढ़ें (Latest News)

Live TV LIVE STREAM