रिटायर्ड IAS रमेश थेटे गिरफ्तार, धोखाधड़ी-चेक बाउंस मामले में मिली जमानत
भोपाल। मध्य प्रदेश कैडर के सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी रमेश थेटे को धोखाधड़ी और चेक बाउंस से जुड़े मामले में नागपुर से गिरफ्तार किया गया है। भोपाल की अदालत में सुनवाई के दौरान लगातार अनुपस्थित रहने के कारण उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। जानकारी के मुताबिक थेटे को जमानत मिल गई है।
इसी के आधार पर मध्य प्रदेश पुलिस और नागपुर की बेलतरोड़ी पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार को नागपुर के मनीष नगर इलाके में कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया। पुलिस अब रमेश थेटे को भोपाल लाने की प्रक्रिया में जुटी है, जहां उन्हें संबंधित न्यायालय में पेश किया जा सकता है।
अदालत में गैरहाजिरी गिरफ्तारी की वजह
रमेश थेटे वर्तमान में नागपुर के मनीष नगर में रह रहे थे। उनके खिलाफ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में धोखाधड़ी और चेक बाउंस से संबंधित मामले दर्ज हैं। इनमें से एक मामला भोपाल की अदालत में विचाराधीन है। प्रकरण की सुनवाई के दौरान रमेश थेटे लगातार अदालत में पेश नहीं हो रहे थे। उनकी लगातार गैरहाजिरी को देखते हुए न्यायालय ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने नागपुर पुलिस के सहयोग से उनकी तलाश कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की।
पहले भी विवादों में रहे हैं रमेश थेटे
सेवानिवृत्त IAS अधिकारी रमेश थेटे मध्य प्रदेश में अपने कार्यकाल के दौरान भी चर्चा में रहे हैं। लोकायुक्त संगठन की ओर से उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में प्रकरण दर्ज किया जा चुका है। इसके अलावा बैंक से कर्ज लेने से जुड़ा मामला भी उनके नाम के साथ चर्चा में रहा है। फिलहाल उनकी गिरफ्तारी धोखाधड़ी और चेक बाउंस से जुड़े मामले में अदालत द्वारा जारी वारंट के आधार पर हुई है। पुलिस की आगे की कार्रवाई और न्यायालय में पेशी के बाद मामले में अगली स्थिति स्पष्ट होगी।

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