नाना पाटेकर के निधन मामले में गोवा पुलिस ने शुरू की वैधानिक जांच, बीएनएसएस 194 के तहत दर्ज की गई यूडी रिपोर्ट
पणजी। प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर के दुखद निधन के बाद गोवा पुलिस ने मामले की विस्तृत कानूनी जांच प्रारंभ कर दी है। पुलिस प्रशासन द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 194 के अंतर्गत अप्राकृतिक मृत्यु (यूडी) की रिपोर्ट दर्ज की गई है। जानकारी के अनुसार, अभिनेता को डोना पाउला के ओशन पार्क स्थित उनके निवास स्थान से तत्काल बांबोलिम के मणिपाल अस्पताल ले जाया गया था। हालांकि, अस्पताल के कैजुअल्टी वार्ड में चिकित्सकों ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया।
इस पूरे प्रकरण की आगे की विवेचना पीएसआई नितिन नाइक के नेतृत्व में की जा रही है। जांच अधिकारी घटना से जुड़े सभी पहलुओं और परिस्थितियों की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं। प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट में मृत्यु की संभावित वजह कार्डियक अरेस्ट दर्ज की गई है, फिर भी पुलिस प्रशासन नियमानुसार सभी वैधानिक प्रक्रियाओं को पूरा कर रहा है ताकि किसी भी तरह का संशय न रहे।
इसलिए दर्ज होता है मामला
यदि डॉक्टरी जांच और पोस्टमार्टम में मृत्यु पूरी तरह से स्वाभाविक पाई जाती है, तो कानूनी नियमों के तहत इस फाइल को बंद कर दिया जाएगा। दूसरी ओर, यदि पड़ताल में किसी भी प्रकार की संदिग्ध बात अथवा गड़बड़ी का संकेत मिलता है, तो पुलिस नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाएगी। कानूनी प्रावधानों के तहत जब भी किसी व्यक्ति की असामान्य या संदिग्ध परिस्थितियों में जान जाने की सूचना प्राप्त होती है, तब पुलिस के लिए बीएनएसएस की धारा 194 के तहत मामला दर्ज कर जांच करना अनिवार्य होता है।
मृत्यु के असल कारण का पता लगाना
इस मेडिको-लीगल प्रक्रिया का मुख्य ध्येय घटना के वास्तविक कारणों को सामने लाना है। अस्पताल द्वारा साझा की गई जानकारी में डॉक्टर शेखर साळकर ने मृत्यु का समय प्रातः 5:20 बजे बताया है। यह बात भी सामने आई है कि जिस समय यह दुखद घटना हुई, उस वक्त आवास पर परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था, केवल उनके मित्र और केयरटेकर ही उपस्थित थे। हालांकि, इन सभी दावों की आधिकारिक पुष्टि के लिए पुलिस छानबीन में जुटी है।

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