तोतों के आश्रय वाले पेड़ों की कटाई पक्षी विशेषज्ञों की निगरानी में होगी: हाईकोर्ट
इंदौर। रानी सराय स्थित एसपी कार्यालय परिसर में भूमिगत मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई अब पक्षी विशेषज्ञों की सलाह और निगरानी में चरणबद्ध तरीके से होगी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने शुक्रवार को निर्देश दिए कि पेड़ों को एक साथ नहीं काटा जाए और पक्षियों को दूसरे पेड़ों पर जाने का समय दिया जाए। परियोजना से जुड़े पक्षों को 2500 पौधे लगाने के साथ उनके रखरखाव की जानकारी हर साल अदालत में देनी होगी।
जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस जय कुमार पिल्लई की पीठ ने 22 अक्टूबर 2026 को प्रियांशु जैन विरुद्ध भारत संघ एवं अन्य मामले में यह आदेश दिया। जनहित याचिका में आशंका जताई गई थी कि परिसर में 182 पेड़ों की कटाई से हजारों पक्षियों, खासकर तोतों का आश्रय छिन सकता है। हाईकोर्ट ने कहा कि पेड़ों की कटाई और शाखाओं की छंटाई कम से कम 2 पक्षी विशेषज्ञों की सलाह और निगरानी में की जाए। घोंसला, अंडों और उनमें मौजूद छोटे पक्षियों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। मौके पर जाल और चिकित्सा किट के साथ वन्यजीव बचाव दल भी तैनात रहेगा, ताकि घायल पक्षियों और घोंसलों से गिरने वाले बच्चों को तत्काल सहायता मिल सके।
परियोजना से जुड़े पक्षों ने 2500 पौधे लगाने का आश्वासन दिया था। अदालत ने निर्देश दिए कि पर्याप्त जगह उपलब्ध होने पर उन्हीं प्रजातियों के पेड़ लगाए जाएं, जो पहले वहां मौजूद थे। पौधरोपण की रिपोर्ट एक साल के भीतर हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में देनी होगी। इसके बाद हर साल अप्रैल में पौधों की स्थिति और रखरखाव की जानकारी गूगल चित्रों के साथ अदालत में पेश करनी होगी।
निरीक्षण में दिखे हजारों तोते
आदेश में उल्लेख है कि 29 सितंबर 2026 को न्यायाधीशों ने पक्षकारों और उनके वकीलों के साथ रानी सराय परिसर का निरीक्षण किया था। उस दौरान पेड़ों पर हजारों पक्षी दिखाई दिए, जिनमें अधिकांश तोते थे। अदालत ने माना कि पेड़ों की कटाई से उनके विश्राम और आश्रय स्थल पर असर पड़ सकता है। हालांकि, हाईकोर्ट ने मेट्रो स्टेशन का स्थान बदलने की मांग स्वीकार नहीं की। मेट्रो मार्ग को लेकर पहले दिए गए न्यायिक आदेश को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित स्टेशन के स्थान में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी। साथ ही पक्षियों की सुरक्षा और पौधों के रखरखाव की जिम्मेदारी तय कर दी। पद्मश्री से सम्मानित पर्यावरणविद् भालचंद्र मोंढे पक्षी विशेषज्ञों के नाम सुझाएंगे। ये विशेषज्ञ पेड़ों की छंटाई और पक्षियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए अधिकारियों को सलाह देंगे। प्रत्येक विशेषज्ञ को 10,000 रुपये पारिश्रमिक दिया जाएगा।
लालबाग में पेड़ काटने पर रोक
ऐतिहासिक लालबाग पैलेस परिसर में पार्किंग और चारदीवारी निर्माण के लिए 155 पेड़ काटने की अनुमति पर हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने राज्य शासन और नगर निगम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश एवाय कोकजे और जस्टिस विनय सराफ की पीठ ने शुक्रवार को जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। अधिवक्ता रितेश ईनानी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गिरीश पटवर्धन ने याचिका दायर कर पेड़ों की कटाई से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव का मुद्दा उठाया था। नगर निगम के उद्यान अधिकारी ने चारदीवारी निर्माण में बाधक 186 पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी थी। राज्य शासन ने इनमें से 155 पेड़ों की कटाई मंजूर की थी। इसी अनुमति को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। अदालत की अंतरिम रोक के बाद फिलहाल इन पेड़ों की कटाई नहीं की जा सकेगी।

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