महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी हरमनप्रीत ने छोड़ी, कहा कि मैंने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी!
नई दिल्ली। एकमात्र विश्व कप विजेता महिला क्रिकेट कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तीनों प्रारूपों की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया। हरमनप्रीत ने कहा कि बतौर कप्तान उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभाई। अब वे एक बार फिर सिर्फ खेल के प्यार और जुनून के लिए खेलने को तैयार हैं। हरमनप्रीत (37 साल) का यह फैसला गुवाहाटी में हुई बीसीसीआई की समीक्षा बैठक के बाद आया, जिसमें पिछले कुछ महीनों में टीम के प्रदर्शन और उसकी आगे की दिशा का आकलन किया गया। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में हरमनप्रीत के अलावा उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार भी शामिल हुए।
हरमन के नेतृत्व में सफलता की कहानी
हरमनप्रीत की कप्तानी में भारतीय टीम ने पिछले साल पहली बार वनडे विश्व कप जीता था। हाल ही में टीम ने एशियाई खेलों के टी20 प्रारूप में लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक भी हासिल किया। इसके अलावा हरमनप्रीत की अगुआई में भारत ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था। उन्होंने पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में भारत की कप्तानी की। इस साल की शुरुआत में भारत के टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह नहीं बना पाने और बल्ले से खासकर टी20 प्रारूप में हरमनप्रीत के अपेक्षाकृत निराशाजनक प्रदर्शन के बाद उनकी कप्तानी को लेकर आलोचना बढ़ने लगी थी। हरमनप्रीत ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘यह फैसला आसान नहीं है। इसके साथ वर्षों की यादें, भावनाएं, त्याग के पल जुड़े हैं, जो जीवन भर मेरे साथ रहेंगे।’
हमेशा टीम को अहमियत दी
मोगा ज़िले में हरमनप्रीत के गांव के लोगों को हरमनप्रीत पर फख्र है। कॉलेज में पढ़ने वाले सरबजीत कौर और उनके भाई सुखराज सिंह ने कहा कि हरमनप्रीत ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने के बाद छोड़ा है। गांव के एक बुज़ुर्ग ने कहा कि उन्होंने दिखाया है कि सच्चा लीडर वही है जो दूसरों को लीड करने के लिए तैयार करता है। उनके पिता हरमंदर सिंह भुल्लर ने कहा कि हरमनप्रीत ने हमेशा व्यक्तिगत कामयाबी से ज़्यादा टीम को अहमियत दी है। 8 मार्च 1989 को मोगा के डुन्नेके गांव में जन्मीं हरमनप्रीत कौर का स्टार बनने का सफ़र, लगातार मेहनत की बेमिसाल नजीर है।
स्मृति मंधाना को सौंपी कमान
अनुभवी सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना को भारतीय महिला क्रिकेट टीम का नया कप्तान नियुक्त किया गया। बीसीसीआई ने एक बयान में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव रखने वाली स्मृति ने घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की है।
स्मृति 2013 से भारतीय टीम का हिस्सा हैं और उनके पास कप्तानी के लिए पर्याप्त अनुभव है। अब वह टीम की कमान संभालते हुए भारतीय महिला क्रिकेट के नए दौर में टीम को आगे ले जाने की जिम्मेदारी निभाएंगी।

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