ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष का प्रदर्शन जारी, पटना और बेंगलुरू समेत कई जगह प्रदर्शन!
नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों का विरोध-प्रदर्शन तीसरे दिन, 8 अक्टूबर को भी जारी रहा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में इंडिया ब्लॉक के सांसद राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। विपक्ष ने यहां शांतिपूर्ण धरना देने की घोषणा की थी। इस बीच दिल्ली के अलावा पटना और बेंगलुरू समेत कई शहरों में भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किए गए।
राजघाट जाने से पहले विपक्षी सांसदों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से आयोजित दोपहर के भोज में हिस्सा लिया। भोज के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खड़गे सहित विपक्षी सांसद तीन बसों में सवार होकर राजघाट के लिए रवाना हुए। समाजवादी पार्टी, शिवसेना-यूबीटी और एनसीपी-एसपी के सांसद भी इस बैठक और विरोध कार्यक्रम में शामिल हुए।
प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा रही
राजघाट रवाना होने से पहले राहुल गांधी ने कहा कि राज्यसभा और लोकसभा के करीब 300 सांसद शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें पिछले दो दिनों से प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले दिन सांसदों को निर्वाचन आयोग के कार्यालय के सामने रोक दिया गया। इसके बाद जब उन्होंने जंतर-मंतर जाने की बात कही तो वहां भी जाने से रोका गया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई।
राहुल गांधी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने आपराधिक साजिश के जरिए देश को अपने कब्जे में लिया है और संविधान को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी को लेकर ‘वोट चोरी’ का आरोप भी लगाया। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष यह सुनिश्चित करेगा कि इन आरोपों के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे तक लाया जाए।
पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की
राजघाट पर प्रदर्शन की घोषणा के बाद दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। राजघाट और आसपास के इलाकों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लगाए गए हैं। बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। विपक्ष की मुख्य मांग मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में कथित अनियमितताओं को लेकर निर्वाचन आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। राहुल गांधी और विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया तथा मतदाता सूची की पारदर्शिता से जुड़े उनके सवालों का स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए।
राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगा
विपक्ष ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय भी मांगा है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के अनुसार, विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए पहली चिट्ठी 2 अक्टूबर को भेजी थी। इसके बाद 5 अक्टूबर को नेताओं के नामों के साथ दोबारा अनुरोध किया गया। विपक्ष 8 या 9 अक्टूबर को राष्ट्रपति से मिलने का समय चाहता है। विपक्षी दलों ने साफ किया है कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों का समाधान होने तक वे अपना विरोध वापस नहीं लेंगे।

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