इजरायल विदेश मंत्री गिदोन सार का बयान, कहा ‘फ्लाईदुबई उड़ान पर हुआ हमला एक सोची-समझी जिहादी साजिश!’

इजरायल विदेश मंत्री गिदोन सार का बयान, कहा ‘फ्लाईदुबई उड़ान पर हुआ हमला एक सोची-समझी जिहादी साजिश!’

येरुशलम। इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने एक विशेष साक्षात्कार के दौरान हाल ही में दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाईदुबई की उड़ान पर हुए गंभीर खतरे का खुलासा किया है। विदेश मंत्री के आधिकारिक बयान के अनुसार, इस उड़ान के दौरान कॉकपिट में मुख्य पायलट पर चाकू से हमला करने वाला सह-पायलट ओमान का एक नागरिक था। मंत्री ने साफ तौर पर पुष्टि की है कि हमलावर का मुख्य उद्देश्य विमान को हवा में ही हाईजैक करना या उसे दुर्घटनाग्रस्त करना था।


जिहादी मानसिकता और हमले के तीन बड़े उद्देश्य
विदेश मंत्री गिदोन सार ने इस घटना को किसी सामान्य विवाद की बजाय सीधे तौर पर जिहादी मानसिकता से प्रेरित एक खतरनाक आतंकवादी हमला करार दिया है। उनके बयान के मुताबिक, इस पूरी साजिश के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े नापाक उद्देश्य छिपे हुए थे। पहला मकसद विमान में सवार इजरायली नागरिकों को मौत के घाट उतारना था। दूसरा, संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल के बीच मजबूत कूटनीतिक संबंधों तथा ऐतिहासिक अब्राहम समझौते को गहरी क्षति पहुंचाना था। तीसरा मकसद खुद संयुक्त अरब अमीरात को भी गंभीर नुकसान पहुंचाना था।
हमलावर की पहचान के बारे में विदेश मंत्री ने कहा कि अभी तक की हमलावर ओमान का नागरिक है। लेकिन, इस मामले से जुड़े अन्य सभी पहलुओं और विवरणों को सामने आने में अभी कुछ और समय लगेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में किसी भी बात को पूरी सटीकता और जिम्मेदारी के साथ कहना बेहद जरूरी होता है।

पायलट और यात्रियों के साहस की सराहना
अपने बयान में विदेश मंत्री गिदोन सार ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार की अद्भुत बहादुरी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि देश कैप्टन मछार के साहस के आभारी है, जिन्होंने गंभीर रूप से चाकू से घायल होने के बावजूद अपनी जान की परवाह न करते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोला और विमान तथा उसमें बैठे सभी यात्रियों की जान बचा ली।
इसके साथ ही, उन्होंने विमान में मौजूद यात्रियों के संयम और पराक्रम की भी सराहना की। विदेश मंत्री के अनुसार, इजरायली यात्रियों ने बेहद सूझबूझ और बहादुरी का परिचय देते हुए तुरंत हमलावर पर काबू पा लिया। इससे विमान के अन्य चालक दल के सदस्यों के लिए नियंत्रण हासिल करना और एक भीषण त्रासदी को टालना संभव हो सका। उन्होंने इस घटना को बहादुरी की एक अनूठी मिसाल बताते हुए कहा कि ऐसी विकट और खतरनाक स्थिति से सुरक्षित बाहर निकलना किसी चमत्कार से कम नहीं है।

कूटनीतिक रिश्तों पर नहीं पड़ेगा कोई असर
विदेश मंत्री गिदोन सार ने अपने बयान के अंत में स्पष्ट किया कि उन्होंने इस गंभीर घटना के संबंध में संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला से विस्तार से बातचीत की है। दोनों देशों ने यह दृढ़ संकल्प लिया है कि इस प्रकार के कायराना आतंकवादी हमलों को किसी भी कीमत पर उनके आपसी संबंधों को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इसके विपरीत, दोनों देश हर मोर्चे और आयाम पर अपने द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। विदेश मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि चरमपंथी तत्व इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात जैसे उदारवादी अरब देशों के बीच की दोस्ती को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनके इन नापाक मंसूबों को कभी कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।

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