100% एथेनॉल से चलने वाली गाड़ियों पर सुप्रीम कोर्ट का सवाल, केंद्र बोला- बदलनी होगी मैन्युफैक्चरिंग व्यवस्था
नई दिल्ली। देश में 100% एथेनॉल से चलने वाली गाड़ियों को अनुमति दिए जाने के बाद अब इसके लिए ईंधन की उपलब्धता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार से पूछा कि यदि पूरी तरह एथेनॉल से चलने वाले वाहनों को मंजूरी दी जा रही है तो उनके लिए पर्याप्त ईंधन की आपूर्ति कैसे सुनिश्चित की जाएगी? इस पर केंद्र की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने कहा कि इसके लिए मैन्युफैक्चरिंग व्यवस्था में बड़े स्तर पर बदलाव करने होंगे।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ एथेनॉल सप्लाई ईयर (ईएसवाई) 2025-26 से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इसी दौरान पीठ ने हाल ही में प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट्स का उल्लेख करते हुए सरकार से ईंधन की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
ई100 वाहनों को मिली है अनुमति
दरअसल, 26 अक्टूबर को सड़क परिवहन मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन को लेकर अधिसूचना जारी की थी। इसके तहत ई100 यानी लगभग शुद्ध एथेनॉल से चलने वाली फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों को मंजूरी दी गई है। इस फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब 100% एथेनॉल से चलने वाले वाहनों को अनुमति दी जा रही है तो उनके लिए ईंधन की आपूर्ति का इंतजाम किस तरह किया जाएगा। पीठ ने कहा कि उसने कुछ अखबारों में पढ़ा है कि 100% एथेनॉल से चलने वाली गाड़ियों को मंजूरी मिल गई है। अदालत सैद्धांतिक रूप से यह समझना चाहती है कि ऐसी गाड़ियों के लिए देशभर में ईंधन की उपलब्धता कैसे सुनिश्चित होगी।
पेट्रोल में 20% से ज्यादा एथेनॉल मिलाने की योजना नहीं
सुप्रीम कोर्ट का यह सवाल ऐसे समय आया है, जब पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 27 अक्टूबर को स्पष्ट किया था कि फिलहाल पेट्रोल में एथेनॉल का मिश्रण 20% से अधिक करने की केंद्र सरकार की कोई तत्काल योजना नहीं है। ऐसे में एक ओर जहां ई100 वाहनों को मंजूरी दी गई है, वहीं दूसरी ओर पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने को लेकर सरकार ने अभी कोई नई योजना नहीं बताई है।
मैन्युफैक्चरिंग व्यवस्था में करना होगा बड़ा बदलाव
अदालत के सवाल पर अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने कहा कि 100% एथेनॉल ईंधन की व्यवस्था के लिए मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग प्रणाली में बड़े पैमाने पर बदलाव करने की जरूरत होगी। सुनवाई के दौरान ईंधन की आपूर्ति और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर सरकार का पक्ष सामने आया। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अगले महीने निर्धारित की है। अब इस मामले में आगे की सुनवाई के दौरान एथेनॉल आधारित वाहनों और उनके लिए ईंधन की उपलब्धता से जुड़े सवालों पर चर्चा होने की संभावना है।

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