कूनो के घायल चीते की मौत, शरीर से निकले 5 गोली के छर्रे; रीढ़ और फेफड़े में मिले धातु के टुकड़े
जबलपुर। कूनो नेशनल पार्क से गंभीर रूप से घायल हालत में जबलपुर लाए गए एक चीते की इलाज के दौरान मौत हो गई। चीते को सोमवार रात करीब 11:50 बजे नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय (एनडीवीएसयू) के वेटरनरी साइंस एवं एनिमल हसबेंड्री कॉलेज के सर्जरी एवं रेडियोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया था।
जांच के दौरान उसके शरीर में कई जगह धातु के टुकड़े और गोली के छर्रे मिले। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर 5 छर्रे निकाले, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। मंगलवार सुबह करीब 5:10 बजे चीते ने दम तोड़ दिया। विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. शोभा जावरे के मुताबिक, चीते के शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। उसके पिछले दोनों पैरों में लकवे जैसी स्थिति बन गई थी। साथ ही, वह पेशाब भी नहीं कर पा रहा था। इन लक्षणों को देखते हुए रीढ़ की हड्डी में चोट लगने और तंत्रिका तंत्र के प्रभावित होने की आशंका जताई गई। चोटों की वास्तविक स्थिति और उनकी गंभीरता का पता लगाने के लिए चीते का सीटी स्कैन कराया गया।
रीढ़ की हड्डी से लेकर फेफड़े तक मिले छर्रे
सीटी स्कैन की जांच में रीढ़ की हड्डी के पहले लंबर कशेरुका में धातु का टुकड़ा मिला। इसके अलावा, 13वीं वक्षीय कशेरुका (टी-13) और पहली लंबर कशेरुका के बीच भी धातु के टुकड़े दिखाई दिए। टी-13 के आगे की ओर भी ऐसा ही एक टुकड़ा मिला। जांच में चीते के बाएं कंधे के पास त्वचा के नीचे 2 धातु के टुकड़े और दाएं फेफड़े के ऊतकों में भी एक टुकड़ा पाया गया। शरीर के भीतर कई जगह छर्रे और गंभीर चोटें होने के कारण उसकी हालत बेहद नाजुक थी।
ऑपरेशन के बाद भी नहीं बची जान
चिकित्सकों की टीम ने चीते को सामान्य बेहोशी देकर ऑपरेशन किया और उसके शरीर से 5 गोली के छर्रे निकाले। हालांकि, रीढ़ की हड्डी के आसपास चोट, पिछले दोनों पैरों में लकवे जैसी स्थिति और पेशाब रुकने जैसी गंभीर समस्याओं के चलते उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका। उपचार के बावजूद मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई।
चीते के शरीर में गोली के छर्रे मिलने से उसके घायल होने की परिस्थितियां गंभीर सवाल खड़े करती हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में गोली लगने की घटना कहां और किन परिस्थितियों में हुई, इसका विवरण सामने नहीं आया है।

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