चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन जारी, राहुल बोले- मेरे खिलाफ 45 FIR हैं, चाहता हूं 100 हों।
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने INDIA गठबंधन के सांसदों को जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में लंच के लिए बुलाया। यहां राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और INDIA गठबंधन के कई सांसद मौजूद रहे। विपक्षी दलों की ओर से चुनाव आयोग को एक पत्र भेजने की तैयारी की गई, जिस पर सभी सांसदों के हस्ताक्षर कराने की बात कही गई। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि चुनाव आयोग ने पत्र पर सभी सांसदों के हस्ताक्षर मांगे हैं। उन्होंने कहा कि लंच के मेन्यू में केवल भोजन है, आंदोलन नहीं। हालांकि, लंच के बाद सांसदों के आगे के कार्यक्रम को लेकर हलचल तेज हो गई।
राहुल गांधी बोले- 45 FIR हैं, 100 हो जाएं
लंच के बाद राहुल गांधी ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को लेकर भी बयान दिया। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि उनके खिलाफ अब तक 45 FIR दर्ज हो चुकी हैं और वह चाहते हैं कि यह संख्या 100 तक पहुंच जाए। राहुल ने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज हर FIR उनके लिए एक मेडल की तरह है। इससे पहले उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसद बुधवार को जंतर-मंतर पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिलने का समय नहीं दिया गया। राहुल ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें रोका और प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा।
चुनाव आयोग की ओर बढ़ने की तैयारी
विपक्षी सांसदों के सागर रत्ना पहुंचने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने जनपथ इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी थी। फुटपाथों की घेराबंदी के साथ कई जगह बैरिकेड लगाए गए। लंच के बाद INDIA गठबंधन के सांसद बसों से आगे बढ़ने की तैयारी में दिखे। विपक्षी सांसद चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर जाने की कोशिश कर सकते थे। रास्ते में रोके जाने की स्थिति में वहीं धरना देने की रणनीति भी बताई गई। कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं को जंतर-मंतर पहुंचने के लिए कहा। मंगलवार को भी विपक्ष ने चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च किया था। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेताओं को पुलिस ने आकाशवाणी भवन के पास रोक दिया था। इसके बाद वहां विपक्षी नेताओं ने धरना दिया था।
विपक्ष ने वोटर लिस्ट को लेकर उठाए सवाल
विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची को लेकर भी सवाल उठाए। कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के आरोपों के बीच चुनाव आयोग को पारदर्शिता से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसद शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव आयोग से मिलने का समय मांग रहे थे। आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिलने की बात कही। उन्होंने 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर गंभीर आरोप लगाए। AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कश्मीरी गेट से CEO कार्यालय तक मार्च भी निकाला। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों का जवाब चुनाव आयोग को देना चाहिए।

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