दीया मिर्जा विवाद पर फडणवीस की टिप्पणी, बोले- ‘हमसे हमारे स्तर के सवाल पूछें’
मुंबई। अभिनेत्री दीया मिर्जा के दिवाली वीडियो को लेकर उठे विवाद पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे छोटा मामला बताते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि दीया मिर्जा अच्छी अभिनेत्री हैं, लेकिन कोई बड़ी नेता नहीं हैं। हमसे हमारे स्तर के सवाल पूछे जाने चाहिए, ऐसे छोटे मामलों पर नहीं।
फडणवीस ने बॉम्बे हाई कोर्ट की नाराजगी को लेकर भी कहा कि अदालत ने कोई फटकार नहीं लगाई, बल्कि अपना मत व्यक्त किया है। कोई मामला अदालत में लेकर नहीं गया था, केवल वीडियो दोबारा अपलोड करने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीएमसी ने वीडियो हटाया था। जिसका सोशल मीडिया खाता है, उसके अधिकारी वीडियो हटाएं या दोबारा डालें, यह उनका निर्णय है। उन्होंने पूरे विवाद को ज्यादा तूल देने की जरूरत नहीं बताई।
हाई कोर्ट ने जताई थी गहरी नाराजगी
दरअसल, बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के पर्यावरण अनुकूल और पटाखा मुक्त दिवाली अभियान से दीया मिर्जा का वीडियो हटाए जाने पर गहरी नाराजगी जताई थी। न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और न्यायमूर्ति नीला गोखले की पीठ ने कहा कि वायु और ध्वनि प्रदूषण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए बनाए गए वीडियो को अनावश्यक विवाद का विषय बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
अदालत ने कहा कि जागरूकता अभियान के लिए किसी खास हस्ती का चयन करने पर सवाल उठाने का अधिकार किसी को नहीं है। पीठ ने बीएमसी को दीया मिर्जा का वीडियो दोबारा अपलोड करने का निर्देश भी दिया।
नेताओं की आपत्ति के बाद वीडियो हटाया
बीएमसी ने बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए पटाखे नहीं जलाने और पर्यावरण अनुकूल दिवाली मनाने की अपील के लिए कई हस्तियों को अभियान में शामिल किया था। इनमें दीया मिर्जा के अलावा माधुरी दीक्षित, निशिगंधा वाड और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे भी थे। दीया मिर्जा के वीडियो में आतिशबाजी से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण से बचने की अपील की गई थी।
लेकिन, भाजपा की मुंबई इकाई के अध्यक्ष अमित साटम की आपत्ति और महापौर रितु तावड़े की ओर से अभिनेत्री को हिंदू विरोधी बताए जाने वाली टिप्पणी के बाद बीएमसी ने उनका वीडियो सोशल मीडिया से हटा दिया। हालांकि, अन्य हस्तियों के वीडियो बीएमसी के एक्स और इंस्टाग्राम खातों पर बने रहे। इसके बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
‘धर्म, जाति और पंथ से ऊपर है हर नागरिक का सम्मान’
हाई कोर्ट ने बीएमसी आयुक्त के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि अभियान के लिए हस्तियों का चयन उचित था। अदालत ने वीडियो हटाने पर आपत्ति जताने वालों को भी नसीहत दी। पीठ ने कहा कि हर व्यक्ति का सम्मान किया जाना चाहिए, चाहे उसका धर्म, जाति या पंथ कुछ भी हो।
अदालत ने धर्मनिरपेक्ष भावना को संविधान की अपेक्षा बताते हुए कहा कि यदि वीडियो हटा दिया गया है तो उसे फिर से अपलोड किया जाना चाहिए। इसी निर्देश के बाद दीया मिर्जा का वीडियो हटाने का मामला चर्चा में आया और अब मुख्यमंत्री फडणवीस की टिप्पणी ने इसे एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।

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