इंदौर की प्रसिद्ध सयाजी होटल की रसोई में मिली भारी लापरवाही, खाद्य विभाग के छापे में खुला सेहत से खिलवाड़ का सच!

​इंदौर। प्रतिष्ठित सयाजी होटल में खाद्य सुरक्षा विभाग की अचानक हुई जांच में खाद्य सामग्री के रखरखाव और स्वच्छता को लेकर कई चिंताजनक बातें सामने आई। टीम जब होटल के किचन और स्टोरेज एरिया में पहुंची, तो वहां खाद्य मानकों की धज्जियां उड़ती मिलीं। जांच के दौरान अफसरों को 66 किलो ऐसा नॉनवेज मिला, जिस पर पैकिंग की तारीख ही दर्ज नहीं थी। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि कोल्ड स्टोरेज में शाकाहारी और मांसाहारी सामान को एक साथ मिलाकर रखा गया था।
​निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा दल को एक्सपायरी डेट के टैग वाले उबले आलू, फंगस लगी मूंगफली और सड़े हुए टमाटर और आलू मिले। कई खाद्य सामग्री बिना किसी लेबल के रखी गई थी। मौके की गंभीरता को देखते हुए अफसरों ने पनीर, कच्चा नॉनवेज, पैक्ड पनीर, सौंफ और ड्रायफ्रूट्स के सैंपल सील कर जांच के लिए भेजे हैं।

​चूहे और कॉकरोच का, स्टोरेज व्यवस्था बेहद खराब
​रसोई और स्टोरेज एरिया की बनावट व साफ-सफाई में भी भारी कमियां पाई गईं। सामान को सीधे दीवारों से सटाकर और जमीन पर बिना पैलेट के रखा गया था। पैलेट के निचले हिस्से में भारी गंदगी जमा थी, जबकि ड्राय स्टोरेज की दीवारों और फर्श पर बड़ी-बड़ी दरारें थीं। खाद्य पदार्थ रखने के प्लेटफॉर्म और सब्जियों के रैक में जंग लगी हुई थी। परिसर के भीतर कॉकरोच और चूहों की मौजूदगी के पुख्ता प्रमाण मिले, यहां तक कि चूहों की लीड भी पाई गई। कचरा प्रबंधन के लिए गीले और सूखे कचरे को अलग रखने का कोई इंतजाम नहीं था।

​तापमान का ध्यान नहीं, लीक हो रहे थे टेट्रापैक
​कोल्ड स्टोरेज के भीतर सीफूड, चिकन और मटन को एक साथ ठूंसकर रखा गया था और वहां का तापमान भी सही तरीके से मेंटेन नहीं किया जा रहा था। ग्रेवी जैसी संवेदनशील चीजों को नॉर्मल रूम टेम्परेचर पर छोड़ दिया गया था। जांच के दौरान कई टेट्रापैक लीक पाए गए, जिससे अन्य खाद्य पदार्थों के दूषित होने का बड़ा खतरा था।
​मेनू में फर्जीवाड़ा और बिना जानकारी वाले पैक्ड प्रोडक्ट्स
​जांच टीम को होटल में पैक्ड कुल्फी मिली, जिस पर मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर जैसी अनिवार्य जानकारी गायब थी। होटल के मेनू में ग्राहकों को आइसक्रीम बताकर परोसा जा रहा सामान असल में सस्ता फ्रोजन डेजर्ट निकला। कच्चे माल पर लगे लेबल इतने घटिया थे कि उन्हें आसानी से हटाया जा सकता था।

​बिना परमिशन नॉनवेज, बेकरी और स्वीट्स का कारोबार
​लाइसेंस की पड़ताल करने पर होटल प्रबंधन की बड़ी चालाकी सामने आई। होटल के फूड लाइसेंस में नॉनवेज का जिक्र तक नहीं था, फिर भी बड़े पैमाने पर मांसाहारी भोजन पकाया और परोसा जा रहा था। इसी तरह इन-हाउस बेकरी और मिठाई बनाने का काम चालू था, लेकिन लाइसेंस में बेकरी और स्वीट्स कैटेगरी जुड़ी ही नहीं थी। शुगर पाउच पर ‘सयाजी’ ब्रांड लिखा हुआ था, मगर इसका कोई वैध लाइसेंस अफसर नहीं दिखा सके। फाइव स्टार होटल होने के बावजूद सेंट्रल लाइसेंस से जुड़े नियमों पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

​इस्तेमाल किया जला तेल ड्रेनेज में बहाने का खुलासा
​जांच में यह बेहद गैर जिम्मेदाराना तथ्य भी सामने आया कि किचन में बार-बार इस्तेमाल हो चुके जले हुए तेल को रीसायकल या सही तरीके से डिस्पोज करने के बजाय सीधे ड्रेनेज लाइन में बहाया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी जरूरी सैंपल लेकर जांच लैब भेज दिए हैं और होटल प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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