इंदौर में पानी की बर्बादी पर नगर निगम सख्त, कार धोने पर लगेगा 10 हजार तक जुर्माना!
इंदौर। गर्मी के मौसम में संभावित जल संकट से निपटने और शहर में पानी की बर्बादी रोकने के लिए नगर निगम ने सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है। अब नर्मदा या बोरिंग के पानी से कार धोना और सार्वजनिक जल संसाधनों का अनावश्यक इस्तेमाल जेब पर भारी पड़ेगा। ऐसे मामलों में पहली बार 2 हजार, दूसरी बार 5 हजार और तीसरी बार से प्रत्येक उल्लंघन पर 10 हजार रुपए तक जुर्माना लगाया जाएगा। सोमवार को महापौर परिषद (एमआईसी) की बैठक में नई जल नीति को मंजूरी दे दी गई।
नगर निगम की नजर अब उन घरों पर भी रहेगी, जहां मोटर लगाकर पाइप लाइन से सीधे पानी खींचा जाता है। इससे आसपास के घरों में जलापूर्ति प्रभावित होने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होगी। निगम ने अवैध नल कनेक्शनों को नियमित कराने के लिए 12 नवंबर से विशेष अभियान शुरू करने का फैसला किया है। यह अभियान 21 दिन चलेगा। इसके बाद शहरभर में कनेक्शनों की जांच होगी और अवैध कनेक्शन मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
टैंकरों पर कैमरों से नजर
नगर निगम जल वितरण व्यवस्था पर निगरानी बढ़ाने के लिए 30 से अधिक नए टैंकर खरीदेगा। सभी हाइड्रेंट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि पानी भरने से लेकर टैंकरों के वितरण तक की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। सार्वजनिक जल स्रोतों के दुरुपयोग और पानी की बर्बादी की शिकायत मिलने पर भी इसी जुर्माना व्यवस्था के तहत कार्रवाई होगी।
टैंकर संचालकों को 7 दिन की मोहलत
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि जिन लोगों और एजेंसियों ने अपने स्तर पर पानी के टैंकर लगा रखे हैं, उन्हें अगले 7 दिन में अपनी व्यवस्था सुधारनी होगी। टैंकर संचालन में लापरवाही, पानी के वितरण में गड़बड़ी या निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया जाएगा। इस मामले में नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी, निगम की एजेंसियां और निगम द्वारा नियुक्त टैंकर संचालक भी कार्रवाई से बाहर नहीं रहेंगे। नियमों की अनदेखी मिलने पर उनके खिलाफ भी दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
कई प्रस्तावों पर फैसला
नगर निगम मुख्यालय में सोमवार दोपहर बाद शुरू हुई महापौर परिषद की बैठक 3 घंटे से अधिक चली। इसमें जल प्रबंधन और अवैध कनेक्शनों के अलावा विज्ञापन नीति, आवास योजनाओं और कर्मचारियों के नियमितीकरण सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। नई जल नीति के जरिए नगर निगम ने साफ कर दिया है कि शहर में पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए अब उसकी बर्बादी और मनमाने इस्तेमाल पर सख्ती होगी। खास तौर पर गर्मी में जलापूर्ति का दबाव बढ़ने से पहले वितरण व्यवस्था दुरुस्त करने और अवैध कनेक्शनों पर नियंत्रण की तैयारी की जा रही है।

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