भोपाल में एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, रेलवे ट्रैक पर मिला परिवार के मुखिया का शव
भोपाल के मालीखेड़ी इलाके में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। एक घर से मां, पत्नी और दो मासूम बच्चों के शव मिले, जबकि परिवार के मुखिया नरेंद्र साहू का शव रेलवे ट्रैक पर मिला। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि परिवार के चारों सदस्यों की हत्या के बाद नरेंद्र की मौत हुई। हालांकि, पूरे घटनाक्रम की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस को परिवार पर आर्थिक दबाव और कर्ज होने की जानकारी भी मिली है। इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।
रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का शव, तब खुला मामला
पुलिस के मुताबिक, नरेंद्र साहू (35) का शव सूखी सेवनिया थाना क्षेत्र के चोपड़ा कलां के पास रेलवे ट्रैक पर मिला। सोमवार सुबह एक रिश्तेदार को इसकी सूचना मिली। वह परिजनों को खबर देने मालीखेड़ी स्थित घर पहुंचा, लेकिन काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला। फोन पर भी किसी से संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने घर का दरवाजा खुलवाया तो अंदर नरेंद्र की मां सरस्वती साहू (50), पत्नी सोमलता साहू (29), बेटी कृति (10) और बेटे खुश (6) के शव मिले।
कर्ज में डूबा था परिवार, बंद हो चुका था रेस्टोरेंट
डीसीपी आदर्श कांत शुक्ला के अनुसार, शुरुआती जांच में नरेंद्र पर कर्ज का दबाव और मानसिक तनाव होने की बात सामने आई है। परिवार का एक छोटा रेस्टोरेंट था, जो कुछ समय पहले बंद हो गया था। बताया जा रहा है कि नरेंद्र पिछले 15 से 20 दिनों से काम भी नहीं कर रहा था। पुलिस आर्थिक परेशानी और घटना के बीच संभावित संबंध की भी जांच कर रही है।
किराए के मकान में रहता था परिवार
परिवार पीएमएवाय एलआईजी कॉलोनी के मकान नंबर B4 में रहता था। मकान मालिक रामसिंह के मुताबिक, उन्होंने पिछले साल सितंबर में सोमलता को 5 हजार रुपये महीने के किराए पर मकान दिया था। सोमलता नियमित रूप से ऑनलाइन किराया भेजती थीं। मकान मालिक ने बताया कि उन्हें परिवार के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी।
एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य, जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। घर से कुछ संदिग्ध वस्तुएं भी मिली हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, दो शव बेड पर मिले थे।
फिलहाल पुलिस हत्या और आत्महत्या की आशंका समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद ही मौतों के समय और घटनाक्रम की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।

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