टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: आरोपी 5 दिन अंधेरी के होटल में रुके, CCTV में दिखा नीला बैग
मुंबई। अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में अंधेरी ईस्ट के आरआर रेजीडेंसी होटल का कमरा नंबर 201 जांच के दायरे में है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 2 कथित आरोपी यहां करीब 5 दिन तक रुके थे। आरोप है कि उन्होंने अपनी पहचान छिपाकर कमरा लिया और वारदात की तैयारी की। इंडिया टीवी को मिले सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति नीले रंग का बैग लेकर होटल से बाहर निकलता दिखाई दे रहा है। पुलिस यह पता लगा रही है कि बैग में हथियार थे या नहीं और होटल में ठहरने के दौरान आरोपियों ने क्या-क्या किया।
हिसार का निवासी बताकर लिया था कमरा
दोनों आरोपियों ने 14 तारीख को सुबह करीब 11 बजे होटल में प्रवेश किया था। उन्होंने कमरा नंबर 201 लिया था, जिसका किराया करीब 1,500 रुपये प्रतिदिन बताया गया है। होटल में उन्होंने खुद को हरियाणा के हिसार का निवासी बताया और मुंबई घूमने आने की बात कही थी।
होटल में जमा पहचान पत्रों को लेकर भी जांच की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, आधार कार्ड पर अंकित और मनदीप नैन उर्फ मोहित नाम दर्ज थे, जबकि फूल सिंह और रेहान सिंह के नाम भी कथित आरोपियों के रूप में सामने आए हैं। हरियाणा से पकड़े गए अंकित पर भी साजिश में शामिल होने का आरोप है। पुलिस यह पता लगा रही है कि होटल के कमरे में वास्तव में कौन ठहरा था और किसने किस नाम से पहचान पत्र का इस्तेमाल किया।
फायरिंग से पहले होटल से निकले संदिग्ध
सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, वारदात वाले दिन शाम करीब 4:12 बजे एक व्यक्ति नीले रंग का बैग लेकर होटल से बाहर निकला। दावा है कि बैग में फायरिंग में इस्तेमाल हथियार थे। करीब 1 मिनट बाद, शाम 4:13 बजे, 2 अन्य कथित आरोपी मोटरसाइकिल से होटल से निकलते दिखाई दिए।
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, होटल से निकलने के बाद आरोपी जुहू स्थित फुटबॉल मैदान पहुंचे, जहां टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई। वारदात के बाद उनके शाम करीब 7 बजे अंधेरी स्टेशन पहुंचने और बोरीवली जाने वाली लोकल ट्रेन से सूरत की ओर रवाना होने का दावा किया गया है। पुलिस उनकी आवाजाही की पुष्टि के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
कमरे में पिस्टल जांचने का दावा
सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने हथियार मिलने के बाद होटल के कमरे में ही पिस्टल जांची थी। इस दौरान एक राउंड मिसफायर होने की बात कही जा रही है। हालांकि, होटल कर्मचारियों ने कमरे से गोली चलने जैसी आवाज सुनाई देने से इनकार किया है।
आरोपी कथित तौर पर रोज ऑटो रिक्शा से होटल से बाहर निकलते और इलाके की रेकी करते थे। होटल प्रबंधन को उनकी गतिविधियों पर संदेह नहीं हुआ। 19 तारीख को पुलिस के होटल पहुंचने पर मैनेजर को मामले की जानकारी मिली। इसके बाद कमरा नंबर 201 बंद कर दिया गया। फोरेंसिक टीम ने कमरे से साक्ष्य जुटाए, जिनकी जांच की जा रही है।
अंकित और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच
हरियाणा के अंकित पर फायरिंग की साजिश में शामिल होने का आरोप है। सूत्रों के मुताबिक, वह करीब 20 दिन तक मुंबई में रहा था। पुलिस उसके संपर्कों और अन्य आरोपियों से संबंधों की जांच कर रही है।
जांच में रेहान सिंह और फूल सिंह के नाम कथित तौर पर गोली चलाने वालों के रूप में सामने आए हैं। वहीं, ऋतिक कुमार उर्फ रोशन का नाम भी सामने आया है। दावा है कि वह पीले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल से जुहू में आरोपियों से मिलने पहुंचा था।
पुलिस होटल में ठहरने वाले संदिग्धों की पहचान, हथियार की व्यवस्था, फायरिंग से पहले की गतिविधियों और वारदात के बाद उनके भागने के रास्ते की जांच कर रही है। होटल के सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक जांच से मिले साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल जारी है।

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