इंदौर के गांधी नगर के पंडाल की तरह बंगाली चौराहे के नजदीक भी सिर्फ पूजा के लिए आम रास्ता बंद, पुलिस और प्रशासन बेखबर!
इंदौर: बंगाली चौराहे के पास नवरात्रि में रास्ता बंद होने का आरोप, स्थानीय लोग परेशान
इंदौर। शहर के बंगाली चौराहे के नजदीक एक माता मंदिर के सामने नवरात्रि के दौरान आम रास्ता बंद किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों और दुकानदारों की परेशानी का मुद्दा उठाया गया है। शिकायत के अनुसार, रास्ता हर साल नवरात्रि के दौरान पांच से छह दिनों तक बंद रहता है। इस बार भी रास्ता बंद होने से आसपास की कॉलोनियों के निवासियों को आवागमन में दिक्कत होने का दावा किया गया है।
स्थानीय शिकायत में गोयल नगर, आशीष नगर, महादेव तोतला नगर और बृजेश्वरी एनएक्स सहित आसपास के इलाकों का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस व्यवस्था से करीब 30 हजार लोगों की आवाजाही प्रभावित होती है। वैकल्पिक रास्ते के तौर पर सर्विस रोड का इस्तेमाल करना पड़ता है, जहां यातायात की दिशा और व्यवस्था के कारण परेशानी बढ़ने की बात कही गई है।
दुकानदारों के कारोबार पर भी असर का दावा
स्थानीय शिकायत के मुताबिक, रास्ता बंद होने से आसपास के दुकानदारों को भी परेशानी होती है और ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होने से कारोबार पर असर पड़ता है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस आयोजन में गरबा नहीं होता, बल्कि मंदिर में पूजा की जाती है। ऐसे में पूजा के लिए सार्वजनिक रास्ता बंद करने की जरूरत और इसकी अनुमति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन से मामले की जांच करने तथा आम लोगों के लिए आवागमन का रास्ता उपलब्ध रखने की मांग की है। हालांकि, इस मामले में संबंधित आयोजकों और प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।
गांधी नगर में रास्ता बाधित होने का मामला भी चर्चा में
इंदौर के गांधी नगर क्षेत्र में नवरात्रि पंडाल के कारण मुख्य सड़क बाधित होने का मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंचा था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अदालत ने पंडाल की अनुमति और सार्वजनिक रास्ता बंद होने को लेकर शासन से जवाब मांगा था। बाद की सुनवाई में पुलिस की ओर से अदालत को बताया गया कि आम लोगों के लिए रास्ते का एक हिस्सा खुलवाया गया है और आयोजक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अदालत ने राज्य सरकार से मामले में विस्तृत जवाब भी मांगा है।
गांधी नगर मामले के बाद बंगाली चौराहे के पास रास्ता बंद होने की शिकायत ने भी सार्वजनिक मार्गों के इस्तेमाल और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, दोनों मामलों की परिस्थितियां और अनुमति संबंधी स्थिति अलग-अलग हो सकती हैं। बंगाली चौराहे के पास आयोजन की अनुमति, रास्ता बंद करने के आदेश और प्रशासन की कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि अभी आवश्यक है।
प्रशासन से जांच और स्पष्टता की मांग
स्थानीय लोगों की मांग है कि पुलिस और प्रशासन मौके का निरीक्षण कर यह स्पष्ट करें कि रास्ता बंद करने की अनुमति है या नहीं। साथ ही, धार्मिक आयोजन के दौरान पूजा की व्यवस्था बनी रहे और आम नागरिकों तथा दुकानदारों को अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए उचित इंतजाम किए जाएं।
अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी शिकायत पर क्या कार्रवाई करते हैं और आयोजन के दौरान आम रास्ते से आवागमन सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था बनाई जाती है।

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