राहुल गांधी का आज सुप्रीम कोर्ट तक मार्च का ऐलान, संविधान में भरोसा रखने वालों से साथ आने की अपील
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालकर भारत के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपने की घोषणा की है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों से मार्च में शामिल होने की अपील की। राहुल ने कहा कि इस मार्च में लोग पार्टी, जाति, धर्म, महिला-पुरुष और राज्य के भेद से ऊपर उठकर भारतीय नागरिक के रूप में शामिल हों।
युवाओं पर पुलिस कार्रवाई का लगाया आरोप
राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर वीडियो जारी कर दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के दिल में नफरत नहीं, बल्कि मोहब्बत थी, लेकिन पुलिस और भाजपा के लोगों ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने कहा कि देश में ऐसा माहौल नहीं होना चाहिए।
राहुल ने संविधान और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले युवाओं, विपक्षी दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से मार्च में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी लोग एकजुट होकर संविधान की रक्षा के लिए आगे आएं।
ज्ञापन में रखेंगे 4 मांगें
राहुल गांधी ने कहा कि मार्च के बाद मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें वोट चोरी रोकने, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया खत्म करने, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) हटाने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग शामिल होगी।
मोदी, शाह और डोभाल पर भी निशाना
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ये नेता देश की आवाज को दबा नहीं सकते। राहुल ने लोगों से न डरने की अपील करते हुए कहा कि मार्च मोहब्बत, भाईचारे और देशभक्ति की भावना के साथ निकाला जाएगा। उन्होंने दावा किया कि संविधान और लोकतंत्र के लिए एकजुट होकर खड़े होने से विरोधियों को पीछे हटना पड़ेगा।

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