कोलकाता में मेस्सी इवेंट में अफरा-तफरी- कुप्रबंधन ने बिगाड़ा ऐतिहासिक मौका

कोलकाता | 15 दिसंबर 2025 | NEWSPOINTMP

कोलकाता। दुनिया के महानतम फुटबॉल खिलाड़ियों में शुमार लियोनेल मेस्सी के स्वागत के लिए शनिवार को कोलकाता का साल्ट लेक स्टेडियम फुटबॉल प्रेमियों से खचाखच भरा था।

लेकिन जो दिन यादगार बनना था, वह अव्यवस्था, हंगामे और निराशा की कहानी बनकर रह गया। कार्यक्रम के दौरान मची अफरा-तफरी ने कानून-व्यवस्था की चुनौती खड़ी कर दी, जिसके बाद राज्य सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा।

क्या हुआ स्टेडियम में?

शनिवार सुबह से ही हजारों प्रशंसक साल्ट लेक स्टेडियम पहुंचने लगे थे। अर्जेंटीना की जर्सी, खासकर नंबर 10 पहनकर आए प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह था। बताया गया कि इस हाई-प्रोफाइल इवेंट के टिकट 4,500 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक बेचे गए, जबकि ब्लैक में इनकी कीमत 20,000 रुपये से ज्यादा पहुंच गई।

मेस्सी के मैदान में आने से पहले मोहन बागान और डायमंड हार्बर के बीच एक प्रदर्शनी मैच खेला गया, जिसमें सभी खिलाड़ियों ने नंबर 10 की जर्सी पहनी। इसके बाद जब मेस्सी करीब 11:30 बजे स्टेडियम पहुंचे,

तो मैदान पर आयोजकों, विशिष्ट अतिथियों और सुरक्षा कर्मियों की भीड़ उमड़ पड़ी। इससे गैलरी में बैठे सामान्य दर्शक अपने हीरो की एक झलक पाने से वंचित रह गए।

मेस्सी के जल्दी जाने से भड़का गुस्सा

जैसे ही यह खबर फैली कि लियोनेल मेस्सी तय समय से पहले मैदान छोड़ रहे हैं, दर्शकों का गुस्सा फूट पड़ा। पहले बोतलें और फिर प्लास्टिक की कुर्सियां मैदान में फेंकी गईं। प्रायोजक बैनर और होर्डिंग फाड़ दिए गए और कई जगहों पर सीटें तोड़ दी गईं।

स्थिति तब और बिगड़ गई जब सैकड़ों दर्शक बैरिकेड्स तोड़कर मैदान में उतर आए। अस्थायी टेंट और उपकरणों को नुकसान पहुंचाया गया। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को रैपिड एक्शन फोर्स तैनात करनी पड़ी।

आयोजकों पर उठे गंभीर सवाल

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मेस्सी के निकलते ही आयोजक और प्रमोटर मैदान से गायब हो गए, जिससे अफवाहों और नाराज़गी ने और तूल पकड़ लिया। दर्शकों ने कुप्रबंधन के लिए आयोजकों को जिम्मेदार ठहराया और उनकी गिरफ्तारी की मांग की।

राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने भी इस घटना को गंभीर बताते हुए आयोजकों की जिम्मेदारी तय करने की बात कही और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मांगी माफी

घटना के कुछ घंटों बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कुप्रबंधन पर दुख जताते हुए मेस्सी और स्टेडियम पहुंचे हजारों प्रशंसकों से माफी मांगी।

मुख्यमंत्री ने एक उच्चस्तरीय जांच समिति के गठन का ऐलान किया। इस समिति की अध्यक्षता कलकत्ता हाईकोर्ट के, सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति आशीष कुमार राय करेंगे। समिति में गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे, जो पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करेंगे।

आयोजक हिरासत में, टिकट रिफंड का वादा

पुलिस ने कार्यक्रम के मुख्य आयोजक को कथित कुप्रबंधन के आरोप में हिरासत में ले लिया। उन्हें कोलकाता एयरपोर्ट से पकड़ा गया, जहां वे मेस्सी और अन्य मेहमानों को विदा करने पहुंचे थे।

पश्चिम बंगाल के डीजीपी राजीव कुमार ने बताया कि, स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। आयोजकों ने लिखित रूप में दर्शकों को टिकट की पूरी राशि लौटाने का वादा किया है।

खेल प्रेमियों के लिए काला दिन

फुटबॉल संस्कृति के लिए मशहूर कोलकाता में टूटी कुर्सियां, फटे बैनर और नाराज़ प्रशंसकों के दृश्य बेहद दर्दनाक रहे। जिस दिन को ‘सिटी ऑफ जॉय’ में फुटबॉल उत्सव के रूप में याद किया जाना था, वह कुप्रबंधन और अव्यवस्था के कारण एक बुरी याद बन गया।

यह घटना बड़े आयोजनों में बेहतर योजना, सुरक्षा और पारदर्शिता की जरूरत को एक बार फिर रेखांकित करती है।

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