पुणे। रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले ने अब मुख्य आरोपित सिया गोयल के पारिवारिक कारोबार को भी अपनी चपेट में ले लिया है। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने पुणे के मार्केट यार्ड में स्थित सिया के परिवार की मसाला और ड्राई फ्रूट्स की दुकान पर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग ने ‘एम/एस बीजी गोयल एंड कंपनी’ नामक इस प्रतिष्ठान में नियमों की गंभीर अनदेखी पाए जाने पर अगले आदेश तक व्यापार बंद करने का नोटिस जारी कर दिया है।
प्रशासनिक टीम जब जांच के लिए दुकान पर पहुंची, तो वहां खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत जरूरी नियमों का उल्लंघन पाया गया। इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों ने दुकान का संचालन तुरंत रोकने का आदेश दिया। निरीक्षण के दौरान टीम ने वहां से ‘संत’ और ‘साधु’ ब्रांड के हल्दी पाउडर, तिल तथा सोयाबीन बड़ी सहित चार खाद्य उत्पादों के सैंपल कलेक्ट किए। इन सामानों की लेबलिंग में गड़बड़ी देखने को मिली है, जिससे अधिकारियों को इनमें मिलावट की तगड़ी आशंका है। कार्रवाई के तहत विभाग ने करीब 4,172 किलोग्राम खाद्य सामग्री को अपने कब्जे में ले लिया है, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 8.14 लाख रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही यह बात भी सामने आई है कि दुकान के लाइसेंस से जुड़ी जरूरी जानकारियां समय पर अपडेट नहीं की गई थीं।
पुणे पुलिस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी
इस व्यापारिक कार्रवाई के बीच, केतन अग्रवाल हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच की एक टीम कड़ियां जोड़ने राजस्थान तक पहुंच गई है। मामले की तहकीकात में यह बात सामने आई थी कि सिया गोयल और उसका कथित प्रेमी चेतन चौधरी बीते साल दिसंबर के महीने में राजस्थान गए थे। पुलिस को दोनों के मोबाइल चैट से ऐसे संकेत मिले थे कि उन्होंने वहां किसी मंदिर में गुपचुप तरीके से विवाह रचा लिया था। इस इनपुट के आधार पर क्राइम ब्रांच ने वहां के संबंधित मंदिर में जाकर छानबीन की और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले, हालांकि अभी तक पुलिस के हाथ शादी की पुष्टि करने वाला कोई पुख्ता प्रमाण नहीं लगा है।
सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने बीती 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले पर ट्रैकिंग के दौरान सिया के मंगेतर केतन अग्रवाल को गहरी खाई में धक्का दे दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस समय दोनों आरोपित जेल में हैं और न्यायिक हिरासत का सामना कर रहे हैं।