अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और चंदे में कथित हेराफेरी के मामले की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। राज्य सरकार की एसआईटी और अयोध्या पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का बयान दर्ज किया। माना जा रहा है कि जल्द ही ट्रस्ट से जुड़े अनिल मिश्रा और गोपाल राव से भी पूछताछ की जाएगी।
एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस पहले ही एक अज्ञात समेत 9 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर चुकी है। इनमें से 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब जांच एजेंसियां मामले से जुड़े सभी पक्षों के बयान दर्ज कर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, अयोध्या पुलिस ने बंद कमरे में चंपत राय से कई घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान चढ़ावे की गिनती, सुरक्षा व्यवस्था, दान की प्रक्रिया और धनराशि के बैंक में जमा किए जाने की पूरी व्यवस्था से जुड़े कई सवाल पूछे गए। पुलिस ने मामले के विभिन्न पहलुओं पर उनसे विस्तृत जानकारी ली।
बैंक में जाकर पूछताछ की गई
पूछताछ के बाद पुलिस की एक टीम संबंधित बैंक भी पहुंची, जहां राम मंदिर का खाता संचालित होता है। अधिकारियों से पूछताछ करने के साथ ही जांच दल ने आवश्यक दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। जांच के दौरान ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों और कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। जांच एजेंसियां चढ़ावे के संग्रह से लेकर उसकी गिनती और बैंक में जमा होने तक की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही हैं।
6 लोगों की ड्यूटी चढ़ावा जमा कराने की
पुलिस की टीम स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की अयोध्या धाम शाखा भी पहुंची। इसी शाखा में राम मंदिर का बैंक खाता संचालित होता है। यहां रत्नेश चतुर्वेदी और गगनदीप नामक दो कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग कर्मियों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 6 आउटसोर्सिंग कर्मचारी शामिल हैं, जिनकी ड्यूटी चढ़ावे की गिनती और उसे बैंक में जमा कराने की थी। इनमें अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव और रमाशंकर सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं। पुलिस बैंक से जांच से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज लेकर रवाना हुई।
बढ़ते दबाव के बाद चंपत और अनिल का इस्तीफ़ा
बताया जा रहा है कि चढ़ावा चोरी का मामला करीब 20 दिनों तक दबा रहा। मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा लगातार सवालों के घेरे में रहे। दोनों से पद छोड़ने की मांग उठी, लेकिन शुरुआती दौर में उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया। बाद में बढ़ते दबाव के बीच दोनों ने अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने इस संबंध में पत्र जारी करते हुए बताया था कि इन इस्तीफों पर न्यास की अगली बैठक में विचार किया जाएगा। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस आने वाले दिनों में अन्य संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ कर सकती है।