राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम की जमानत बरकरार, हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की, चार्जशीट में हुई त्रुटि का मिला लाभ !

इंदौर / शिलांग। बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम को फिलहाल जेल नहीं जाना होगा। मेघालय हाईकोर्ट ने उसकी जमानत रद्द करने की याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही सेशन कोर्ट से मिली जमानत बरकरार रखते हुए सोनम को शिलांग में ही रहने के निर्देश दिए। बताया जा रहा है कि पुलिस की चार्जशीट में हुई तकनीकी त्रुटि का लाभ सोनम को मिला। सोनम के अधिवक्ता सुदेश थापा ने बताया कि हाईकोर्ट ने निचली अदालत के जमानत आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि सुनवाई के दौरान सोनम शिलांग में ही रहेगी। मामले में पहले साक्ष्य छिपाने के आरोपों का सामना कर रहे शिलोम जेम्स, सिक्योरिटी गार्ड बलवीर और प्रॉपर्टी ब्रोकर लोकेन्द्र सिंह तोमर को पहले ही दोषमुक्त किया जा चुका है। वहीं सोनम के साथ गिरफ्तार किए गए चार अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं अभी हाईकोर्ट में लंबित हैं। निचली अदालत उनकी जमानत पहले ही खारिज कर चुकी है। इस बीच मृतक राजा रघुवंशी का परिवार पूरे मामले की जांच CBI से कराने की मांग भी उठा चुका है।

पति की हत्या की आरोपी है सोनम
मामले के अनुसार, विवाह के बाद सोनम अपने पति राजा रघुवंशी के साथ हनीमून मनाने शिलांग गई थी। आरोप है कि वहीं उसने अपने चार साथियों की मदद से राजा की हत्या की। घटना के बाद सोनम इंदौर लौट आई और देवास नाका क्षेत्र स्थित एक फ्लैट में छिपकर रही। 9 जून 2025 को उसे उत्तर प्रदेश के गाजीपुर स्थित एक ढाबे से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसके कथित प्रेमी राज कुशवाह सहित आनंद कुर्मी, विशाल ठाकुर और आकाश राजपूत को इंदौर से गिरफ्तार किया गया।

इस आधार पर मिली जमानत
करीब 10 माह जेल में रहने के बाद 27 अप्रैल 26 को सेशन कोर्ट ने सोनम को जमानत दे दी थी। जमानत का आधार पुलिस की चार्जशीट में हुई एक तकनीकी गलती बनी। हत्या से संबंधित धारा 103 के स्थान पर गलती से धारा 403 का उल्लेख किया गया था, जबकि संबंधित कानून में इस संदर्भ में धारा 403 का प्रावधान नहीं है। इसी आधार पर अदालत ने सोनम को राहत प्रदान की थी। सोनम को जमानत मिलने के बाद शिलांग पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। अपनी गलती स्वीकार करते हुए पुलिस ने हाईकोर्ट में जमानत रद्द करने की याचिका दायर की। इस पर 1 जून से 10 जून के बीच कई बार सुनवाई हुई। इस दौरान सोनम के अधिवक्ता भी अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगते रहे।

जमानत नहीं दी, पुराना फैसला बरक़रार रखा
मृतक राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि हाईकोर्ट ने केवल निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा है, नई जमानत नहीं दी है। उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर परिवार न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएगा। वहीं सोनम के भाई गोविंद ने कहा कि अभी तक उन्हें हाईकोर्ट के आदेश की प्रति नहीं मिली है और सोशल मीडिया के माध्यम से ही जानकारी मिली है। उनका कहना है कि वे सोनम को इंदौर नहीं आने देंगे और इस मामले में राजा रघुवंशी के परिवार के साथ खड़े हैं।

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