इंदौर नगर निगम में नामांतरण फर्जीवाड़ा, बिना कागजात बदले 370 संपत्तियों के नाम, अंधेरे में चली लॉगिन आईडी और पासवर्ड की हेराफेरी, कांग्रेस ने घेरा !

इंदौर नगर निगम में नामांतरण फर्जीवाड़ा, बिना कागजात बदले 370 संपत्तियों के नाम, अंधेरे में चली लॉगिन आईडी और पासवर्ड की हेराफेरी, कांग्रेस ने घेरा !

इंदौर। नगर निगम में घोटालों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। इस बार निगम के राजस्व विभाग से एक बड़ा नामांतरण फर्जीवाड़ा सामने आया, जिसने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया। रसूखदारों और अफसरों की कथित मिलीभगत से चुपके से करीब 370 से अधिक संपत्तियों के मालिकाना हक में हेरफेर कर दिया गया। यह खेल उन संपत्तियों में किया गया है, जहां बिना पुख्ता दस्तावेजों या कानूनी कागजात के किसी अन्य के नाम पर ट्रांसफर करना नामुमकिन था। मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल 6 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

रात 10 से तड़के 3 बजे के बीच कंप्यूटर पर रचा खेल
शुरुआती जांच और शिकायतों के आधार पर इस पूरे कारनामे को इसी साल जनवरी से मार्च के बीच अंजाम दिया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने नामांतरण के लिए सुरक्षित रखी गई सीक्रेट लॉगिन आईडी और पासवर्ड का गलत इस्तेमाल किया। खुलासा हुआ है कि इस धांधली के लिए बकायदा रात 10 बजे से लेकर तड़के 3 बजे तक कंप्यूटर सिस्टम पर काम किया जाता था, ताकि किसी को शक न हो। इस दौरान 3 महीनों के भीतर 370 से ज्यादा मकानों और जमीनों के मालिकों के नामों को या तो बदल दिया गया या फिर उनमें मनमाफिक संशोधन कर दिए गए।

औपचारिकताएं ताक पर रखी, अब बढ़ेगे संपत्ति विवाद
आरोप है कि जिन लोगों को प्रॉपर्टी के मालिकाना हक में अपने हिसाब से बदलाव करवाने थे, उन्होंने निगम के मुलाजिमों को मोटी घूस खिलाई। इस अवैध काम के लिए न तो फाइलों में जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं और न ही तय प्रक्रिया का पालन हुआ। हद तो यह है कि जिस दूसरे पक्ष की संपत्ति थी, उससे कोई एनओसी यानी अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं लिया गया। इस सीधे फर्जीवाड़े के बाद अब शहर में कई कीमती संपत्तियों को लेकर कानूनी और पारिवारिक विवाद खड़े होने की आशंका गहरा गई है।

कांग्रेस ने सीधे महापौर पर साधा निशाना
मामला नगर निगम परिषद और राजस्व प्रभारी के सामने आने के बाद विभाग ने 6 संदेहास्पद कर्मचारियों को नोटिस थमा दिए हैं। राजस्व प्रभारी निरंजन सिंह चौहान ने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा है कि लोगों की निजी संपत्ति के रिकॉर्ड के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। मामले की बारीकी से जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी तरफ, विपक्ष ने इस मुद्दे पर मोर्चा खोल दिया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए सीधे महापौर पुष्यमित्र भार्गव को कटघरे में खड़ा किया है और आरोप लगाया है कि नगर निगम में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ज़रूर पढ़ें (Latest News)

Live TV LIVE STREAM