खाद्य जांच में असुरक्षित मिला पतंजलि गाय के घी का एक बैच, मध्य प्रदेश में पूरे स्टॉक की जब्ती के निर्देश

खाद्य जांच में असुरक्षित मिला पतंजलि गाय के घी का एक बैच, मध्य प्रदेश में पूरे स्टॉक की जब्ती के निर्देश

छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के एक उत्पाद को लेकर बड़ी और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। विभाग ने पतंजलि गाय के घी के 200 मिलीलीटर (एमएल) पैक के एक विशिष्ट बैच को जांच में असुरक्षित पाए जाने के बाद पूरे प्रदेशभर से इसके स्टॉक को तत्काल वापस मंगाने के आदेश जारी किए हैं। बाजार में यदि इस बैच का घी अभी भी बिक्री के लिए उपलब्ध मिलता है, तो उसे तुरंत जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
यह पूरा मामला छिंदवाड़ा जिले से जुड़ा है। यहां खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा नियमित जांच और नमूना लेने की प्रक्रिया के तहत पतंजलि गाय के घी का एक नमूना बाजार से संकलित किया गया था। जांच के लिए भेजे गए इस नमूने की जब सरकारी प्रयोगशाला में विश्लेषणात्मक जांच की गई, तो यह गुणवत्ता और सुरक्षा के तय मानकों पर खरा नहीं उतरा, जिसके बाद इसे ‘असुरक्षित’ की श्रेणी में रखा गया है।

एहतियाती कदम उठाने के निर्देश जारी किए
विभाग की ओर से जारी किए गए आधिकारिक विवरण के मुताबिक, यह मामला पतंजलि गाय के घी के बैच नंबर एफएडब्ल्यूबी 260017 (FAWB260017) से संबंधित है। इस विशेष बैच के घी के पैक पर निर्माण तिथि अप्रैल 2026 दर्ज की गई है। जैसे ही प्रयोगशाला से इस बैच के असुरक्षित होने की रिपोर्ट सामने आई, खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए पूरे राज्य में एहतियाती कदम उठाने के निर्देश प्रसारित कर दिए।
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार, प्रदेश के सभी जिलों में फैले डिस्ट्रीब्यूटरों, थोक विक्रेताओं और खुदरा दुकानदारों के पास उपलब्ध इस विशेष बैच के स्टॉक की पहचान की जाएगी। संबंधित कारोबारियों को यह निर्देश दिए गए कि वे अपने यहां रखे इस बैच के घी के स्टॉक की बिक्री तुरंत रोक दें और इसे बाजार से वापस लें।

मिले स्टॉक पर ‘बिक्री के लिए नहीं’ लिखना होगा
वापस मंगाए जाने वाले इस प्रभावित घी को लेकर भी विभाग ने स्पष्ट और कड़े प्रोटोकॉल तय किए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि जितना भी स्टॉक वापस प्राप्त होगा, उसे अन्य सामान्य खाद्य पदार्थों या अन्य बैचों के घी से पूरी तरह अलग एक सुरक्षित स्थान पर रखना होगा। इसके अलावा, इस वापस आए हुए स्टॉक पर स्पष्ट रूप से ‘फूड रिकॉल : बिक्री के लिए नहीं’ लिखकर चिन्हित करना अनिवार्य किया गया है ताकि किसी भी परिस्थिति में इसका उपयोग या दोबारा बिक्री न हो सके।

निर्माता और विक्रेताओं के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई
इस मामले में केवल स्टॉक वापस लेने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी गई है, बल्कि निर्माता कंपनी और संबंधित विक्रेताओं की जवाबदेही भी तय की गई है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित निर्माता और विक्रेताओं के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, निर्माता कंपनी को यह निर्देश भी दिए गए हैं कि वह इस पूरे बैच के संबंध में विस्तृत लेखा-जोखा विभाग को सौंपे। कंपनी को यह बताना होगा कि इस विशिष्ट बैच के तहत कुल कितना घी निर्मित किया गया था, उसका वितरण किन-किन स्थानों पर किया गया, वर्तमान में बाजार में कितना स्टॉक उपलब्ध है और कुल कितना स्टॉक वापस प्राप्त किया जा चुका है।

बैच के पैकेट जल्द बाजार से बाहर करने की कार्रवाई
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की इस अचानक और सख्त कार्रवाई के बाद से खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों का कहना है कि आम जनता के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग की यह कोशिश है कि असुरक्षित घोषित किए गए इस बैच का एक-एक पैकेट जल्द से जल्द बाजार से पूरी तरह बाहर कर दिया जाए ताकि उपभोक्ताओं तक यह उत्पाद न पहुंच सके। प्रदेशभर के मैदानी अमले को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की दुकानों और गोदामों की लगातार निगरानी करें ताकि आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो सके।

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