गधे के नाम पर बना नर्सिंग रजिस्ट्रेशन, फोटो भी लगाई, ₹2050 फीस जमा करते ही 5 मिनट में जारी हुआ!

गधे के नाम पर बना नर्सिंग रजिस्ट्रेशन, फोटो भी लगाई, ₹2050 फीस जमा करते ही 5 मिनट में जारी हुआ!

भोपाल। मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल (एमपीएनआरसी) की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था में एक और गंभीर खामी सामने आई है। इस बार गधे की फोटो और उसके नाम से नर्सिंग रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र जारी होने का दावा किया गया है। आवेदन में आवेदक के नाम से लेकर माता-पिता, जाति और शैक्षणिक जानकारी तक मनगढ़ंत दर्ज की गई, इसके बावजूद आवेदन स्वीकार हो गया।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने काउंसिल की ऑनलाइन व्यवस्था की जांच के लिए यह आवेदन किया था। इसमें आवेदक के नाम वाले कॉलम में ‘डंकी’, फोटो में गधे की तस्वीर, पिता के नाम में ‘डंकी फादर’, माता के नाम में ‘डंकी मदर’ और जाति के स्थान पर ‘एनिमल’ लिखा गया। पता भी मनमाने ढंग से दर्ज किया गया। इसके बाद भी नर्सिंग रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र जारी हो गया। परमार ने इसका वीडियो भी जारी किया है।

10वीं-12वीं के अंक और रोल नंबर भी मनमाने भरे
परमार के मुताबिक, आवेदन में प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भोपाल नर्सिंग कॉलेज और भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का नाम दर्ज किया गया। 10वीं और 12वीं के अंक तथा रोल नंबर भी मनमाने तरीके से भरे गए। प्रशिक्षण पूर्णता प्रमाणपत्र और डिग्री/डिप्लोमा प्रमाणपत्र की जगह दो खाली कागज अपलोड किए गए। इसके बाद ऑनलाइन 2050 रुपए फीस जमा की गई। 25 सितंबर को भुगतान होने के करीब 5 मिनट बाद ही ऑनलाइन नर्सिंग रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र जारी हो गया। परमार ने वीडियो में प्रमाणपत्र भी दिखाया है। उनके अनुसार, इसमें रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ डिजिटल हस्ताक्षर भी दर्ज हैं।

सत्यापन प्रक्रिया पर उठे सवाल
परमार ने कहा कि यदि वास्तविक दस्तावेजों की जांच किए बिना रजिस्ट्रेशन जारी हो सकता है तो फर्जी प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मामले में एमपीएनआरसी अध्यक्ष बीनू कुशवाह से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
परमार ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था संचालित करने वाली एजेंसी एमपी ऑनलाइन की भूमिका की भी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जांच में यह सामने आना चाहिए कि आवेदन किस स्तर पर दस्तावेजों के सत्यापन के बिना मंजूर हुआ और प्रमाणपत्र किस प्रक्रिया के तहत जारी किया गया। एनएसयूआई ने मामले में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

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