मध्यप्रदेश | 31 दिसंबर 2025 | NEWSPOINTMP

इंदौर। शहर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 8 लोगों की मौत हुई। जबकि प्रशासन ने 3 की पुष्टि की। 40 से ज्यादा लोग अस्पतालों में भर्ती कराए गए हैं। प्रारंभिक जांच में शौचालय के नीचे मेन लाइन में लीकेज मिला, इसी दूषित पानी के पेयजल की पाइपलाइन में मिलने की आशंका बताई गई। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवार को 2-2 लाख की मदद की घोषणा की, साथ ही भर्ती मरीजों का इलाज मुफ्त किया जा रहा है। भगीरथपूरा इलाका मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का विधानसभा क्षेत्र है।
गंदा पानी पीने से मृत पांच के नाम
प्रशासन ने तीन लोगों की मौत की पुष्टि की है। स्वास्थ्य विभाग की जानकारी के अनुसार, मृतकों में नंदलाल, उर्मिला और तारा कोरी शामिल हैं। इन तीनों की मौत डायरिया से होना बताया गया है। जबकि, 8 की मौत की स्पष्ट जानकारी सामने आई। मृतकों के नाम नंदलाल पाल (75), उर्मिला यादव (69), उमा कोरी (31), मंजुला पति दिगंबर (74) और सीमा प्रजापत बताए गए हैं। 40 से ज्यादा बीमार लोग अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कराए गए हैं।
मामले में कार्रवाई : दो निलंबित, एक बर्खास्त, जांच समिति बनी
मामले में संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने देर रात जोनल अधिकारी शालिग्राम शितोले और प्रभारी असिस्टेंट इंजीनियर (पीएचई) योगेश जोशी को निलंबित कर दिया। प्रभारी डिप्टी इंजीनियर (पीएचई) शुभम श्रीवास्तव की सेवा समाप्त कर दी गई है। तीन सदस्यों की जांच समिति बनाई गई। इसके अध्यक्ष आईएएस नवजीवन पंवार होंगे। समिति में सुपरिटेंडेंट इंजीनियर प्रदीप निगम और मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ शैलेश राय को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा भी की।
यह बोले मंत्री विजयवर्गीय और महापौर भार्गव
इंदौर के इस विधानसभा क्षेत्र के विधायक और प्रदेश सरकार में नगरीय निकाय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंगलवार को इलाके का दौरा किया। अस्पताल पहुंचकर मरीजों का हालचाल जाना। विजयवर्गीय ने कहा कि भागीरथपुरा से पानी के 70 से ज्यादा सैंपल लिए हैं। सभी मरीजों का इलाज सरकार के खर्च पर होगा। जिन लोगों ने इलाज के लिए पहले से पैसे जमा किए हैं, उन्हें रिफंड कराया जाएगा।
वहीं, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि घटना के लिए जो भी जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इलाके में 50 टैंकरों से पानी की सप्लाई की जा रही है। नगर निगम ने हेल्पलाइन नंबर 7440440511 भी जारी किया है।
मृतकों के परिजनों ने कहा ‘दूषित पानी पीने से बीमार हुए’
भागीरथपुरा निवासी नंदलाल पाल ने मंगलवार सुबह वर्मा नर्सिंग होम में दम तोड़ा। उनको 28 दिसंबर को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उनकी मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट को बताया। कहा कि मेडिकल हिस्ट्री में सामने आया है कि नंदलाल को ब्लड प्रेशर की समस्या थी और वे नियमित दवा नहीं लेते थे। कार्डियक अरेस्ट की आशंका इसी वजह से बनी। लेकिन, परिजन का दावा है कि दूषित पानी पीने के बाद ही उनकी हालत बिगड़ी। जान गंवाने वाली महिलाओं के परिजन का कहना है कि पानी पीने के बाद अचानक तबीयत खराब हुई, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।
अगस्त में पाइपलाइन का टेंडर हुआ, जिसे खोला नहीं गया
नई पाइप लाइन के लिए अगस्त 2025 में टेंडर जारी हुआ था, लेकिन इसे अब तक नहीं खोला गया। करीब 2.40 करोड़ रुपए की लागत से नई पाइप लाइन डाली जानी थी। दस्तावेजों में गंदे और दूषित पानी की शिकायतों का उल्लेख भी था। इसके बावजूद अफसरों ने प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई। अब मौतों के बाद आनन-फानन में टेंडर खोला गया।
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