इंदौर। राजवाड़ा पर रविवार दोपहर एआईसीटीएसएल की पीएम सेवा की बस की चपेट में आने से 4 लोग घायल हुए थे। हादसे के बाद गुस्साई भीड़ ने बस में तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद राजवाड़ा को ‘नो-बस जोन’ बना दिया गया। मामले में एमजी रोड पुलिस ने एमएस कांबिंग कंपनी के सुपरवाइजर तशील की शिकायत पर अभिषेक ठाकुर, विजय यादव और पंकज के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस अब घटनास्थल के फुटेज खंगाल कर तोड़फोड़ में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर रही है। सुपरवाइजर तशील ने पुलिस को बताया कि हादसे के तुरंत बाद भीड़ बस के पास जमा हो गई और अचानक पथराव शुरू कर दिया। अभिषेक ठाकुर, विजय यादव और पंकज पर लोगों को उकसाने और बस पर पत्थर फेंकने का आरोप है। पथराव में बस के कांच टूट गए और उसे काफी नुकसान पहुंचा। पुलिस का कहना है कि फुटेज की जांच के बाद मामले में और नाम जुड़ सकते हैं।
ड्राइवर बोला, एक्सीलेटर दब गया
हादसे के बाद पुलिस ने बस चालक धनराज गांगले को कुछ देर बाद हिरासत में लिया था। प्रारंभिक पूछताछ में चालक ने बताया कि उसने बस का हैंडब्रेक नहीं लगाया था। इसी दौरान ऑटोमेटिक बस का एक्सीलेटर दब गया और बस आगे बढ़ गई। हादसे में छोटू उर्फ गणेश और जितेंद्र शर्मा की उपचार के दौरान मौत हो गई। राधेश्याम का अस्पताल में इलाज जारी है।
सोमवार से राजवाड़ा नो-बस जोन
हादसे के बाद सोमवार से राजवाड़ा को नो-बस जोन कर दिया गया है। हालांकि राजवाड़ा क्षेत्र में ई-रिक्शा के प्रवेश पर प्रतिबंध है, इसके बावजूद सोमवार को यहां ई-रिक्शा चलते नजर आए। इससे इलाके में यातायात का दबाव बढ़ गया और व्यवस्था प्रभावित हुई। स्थानीय स्तर पर ई-रिक्शा पर रोक के बावजूद इनके संचालन को लेकर यातायात पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं।