इंदौर में चौथे दिन भी ‘जेन-ज़ी प्रोटेस्ट 2.0’ जारी, चादर ओढ़कर बैठे युवा, सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान!
इंदौर। मुख्य चुनाव आयुक्त ( सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर टंट्या भील चौराहे पर युवाओं का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। तेज धूप के बावजूद बड़ी संख्या में युवा प्रदर्शन स्थल पर डटे रहे। गर्मी से बचने के लिए कुछ प्रदर्शनकारी चादर ओढ़कर धरना देते नजर आए। युवाओं ने साफ किया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, बुधवार शाम से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान शुरू किया जाएगा। इसके जरिए युवाओं के साथ आम लोगों को भी आंदोलन से जोड़ने की तैयारी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अधिक से अधिक लोगों के हस्ताक्षर जुटाकर चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े उनके सवालों को सामने रखा जाएगा।
रातभर चला धरना
टंट्या भील चौराहे पर सोमवार शाम करीब 5 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन रात भर चलता रहा। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में युवा धरना स्थल पर मौजूद रहे। बुधवार को तीसरे दिन भी तेज धूप के बीच युवाओं का धरना जारी रहा। धूप से राहत पाने के लिए कई प्रदर्शनकारियों ने चादर ओढ़ ली, लेकिन वे धरना स्थल से नहीं हटे।
युवाओं ने अपने आंदोलन को ‘जेन-ज़ी प्रोटेस्ट 2.0’ नाम दिया है। प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं से धरने में शामिल होने की अपील की गई थी। प्रदर्शन स्थल पर युवाओं के हाथों में संविधान और महात्मा गांधी की तस्वीर भी नजर आईं। इसके अलावा अलग-अलग संदेश लिखी तख्तियां लेकर भी प्रदर्शनकारी पहुंचे। कुछ तख्तियों पर ‘ग्यानू, पैक योर बैग्स ब्रो’ और ‘तू क्या, तेरा बाप भी इस्तीफा देगा’ जैसे संदेश लिखे थे। इन नारों और तख्तियों के जरिए प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना विरोध जता रहे हैं।
चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची पर सवाल
प्रदर्शन में शामिल युवाओं का कहना है कि उनका आंदोलन चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को लेकर है। उनका दावा है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में भी हाल के दिनों में इन्हीं मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। धरना स्थल पर नारेबाजी के साथ युवाओं ने गीत भी गाए।
प्रदर्शन के दौरान गाए गए एक गीत में ज्ञानेश कुमार को संबोधित करते हुए कहा गया- ‘तू मेरा ग्यानू है, तू मेरा दिलबर है … मेरी वोट चोरी का तू हीरो, लेकिन वोट चोरी के पन्ने पर अपनी तकदीर तो जीरो हो।’ प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह गीत नरेंद्र मोदी ने ज्ञानेश कुमार को सुनाया है। युवाओं ने कहा कि हस्ताक्षर अभियान के जरिए आंदोलन को और व्यापक रूप देने की कोशिश की जाएगी। उनका कहना है कि चुनाव व्यवस्था और मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर जवाब मिलने तक उनका विरोध जारी रहेगा

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