इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी की समस्या का कारण भाजपा पार्षद की निष्क्रियता 

रहवासियों ने कहा ‘शिकायत करने पर सुनवाई नहीं, फटकार लगाकर भगा देते’

 इंदौर। दूषित पानी पीने से लोगों की मौत के बाद भागीरथपुरा बस्ती में गमगीन माहौल है। रहवासी खुलकर बोल रहे हैं कि पार्षद कमल वाघेला की निष्क्रियता ने उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। सिर्फ छह दिन नहीं, 15 दिन से गंदा पानी आ रहा था। पार्षद को जानकारी देते, तो वे फटकार कर भगा देते थे।

फर्शी वाली गली में रहने वाले पार्षद के घर के पड़ोस में भी दो युवतियां बीमार है। रेडवाल कॉलोनी के समीप मामा के भट्टे पर रहने वाले लोगों का कहना है कि नर्मदा लाइन कुछ दिन पहले ही बिछी है। लाइन बिछाने के बाद जमीन समतल नहीं की। इसी लाइन के पास ड्रेनेज का पाइप निकल रहा है। आशंका है कि नर्मदा लाइन बिछाते समय ड्रेनेज लाइन में लीकेज आने से पानी दूषित हो गया।

जानिए किसने क्या कहा

पूर्व पार्षद मांगीलाल रेडवाल ने बताया कि नर्मदा लाइन बिछाते समय पार्षद ने अनदेखी की। वे केवल वाहवाही लूटने में लगे रहे। मेरे समय में ड्रेनेज लाइन बिछाई गई थी। गंदा पानी आने की बात मैंने भी पार्षद से कही थी, लेकिन उन्होंने अनदेखा कर दिया था। जलकार्य समिति प्रभारी अभिषेक शर्मा (बबलू) ने कहा कि क्षेत्र की बैकलाइन में अतिक्रमण व्याप्त है। इसलिए आगे मुख्य मार्ग पर लाइन बिछाई जा रही है। विवाद होने के चलते अतिक्रमण नहीं हटाए गए। पूर्व पार्षद ने घटिया लाइन बिछाई थी। पुलिस चौकी के पास जो शौचालय बना है, वह भी उन्होंने बनाया था। उनके समय भी शौचालय में गंदगी पसरी रहती थी। गंदा पानी आसपास बहता रहता था। जबकि, पार्षद कमल वाघेला के अनुसार, कई लोगों ने गंदा पानी की झूठी शिकायत की। कुछ शिकायतें मिलने पर मैं तत्काल मौके पर पहुंचा था। पूर्व पार्षद के घटिया काम का नतीजा है।

लोग बॉटल का पानी पी रहे
कमल प्रजापत ने कहा कि जब से हादसा हुआ है, घर में पानी नहीं भरा। आरओ और बॉटल का पानी उपयोग कर रहे हैं। टैंकर का पानी भी गंदा मिला तो उसे बहा दिया। बोरिंग का पानी उबालकर पी रहे है। विजय यादव ने कहा कि, घटना के बाद आसपास के दोस्त, रिश्तेदार यहां का माहौल देखने आ रहे हैं। जब उन्हें पानी दिया जाता तो वे पीने से इनकार कर देते हैं। जोर देने पर बताते हैं गंदा पानी हुआ तो हमारी भी परेशानी बढ़ जाएगी।

तीन दिन से पिता बीमार, शिकायत अनसुनी
भागीरथपुरा की इमली गली में रहने वाले शंकरलाल परोड़ीलाल (70) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे। वे तीन दिन से उल्टी दस्त से परेशान था। बेटे किशोर ने बताया कि गंदा पानी मिलने की शिकायत कई बार की। दो दिन पहले तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल लेकर गए थे। बुधवार सुबह 9 बजे के आसपास पिता ने दम तोड़ दिया। निगम की जनसुनवाई में भी शिकायत की थी, लेकिन वहां से केवल आश्वासन मिला था।

जिम्मेदार लोग ध्यान नहीं देते

भागीरथपुरा मेनरोड़ निवासी जीवनलाल बरेडे की भी दूषित पानी के कारण मौत 28 दिसंबर को हुई थी। अब घर पर पत्नी सुनीता अकेली रह गई है। पत्नी ने बताया कि पति जीवनलाल को 24-25 दिसंबर से उल्टी-दस्त की समस्या शुरू हुई थी। इसके बाद इलाज के लिए हमने घर पर ही डॉक्टर को बुलाया था। डॉक्टर के कहने पर निजी अस्पताल लेकर गए थे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिवार में भी अन्य रिश्तेदारों के चार लोग बीमार है। इसमें सात वर्ष बच्चा भी शामिल है, जिसका उपचार चल रहा है। पत्नी का आरोप है कि मौत का कारण दूषित पानी ही है। हमारे पूरे क्षेत्र में दूषित पानी आता है, लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं देते हैं।

Indore water contamination, Bhagirathpura dirty water, BJP councillor negligence, Indore civic failure, contaminated drinking water Indore, residents protest Indore, MP urban issues

Leave a Comment