जहरीली शराब ने छीनी बेटे की आंखों की रोशनी, बेबस मां की गुहार पर उमंग सिंघार ने उठाई इलाज की जिम्मेदारी!
देवास। जिस बेटे के सहारे एक मां अपने परिवार का पेट पालती थी, आज उसी बेटे की जिंदगी में जहरीली शराब ने अंधेरा भर दिया। घर की रोजी-रोटी चलाने वाले जवान बेटे की आंखों की रोशनी चली गई। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और मां अपने बेटे के इलाज के लिए गुहार लगाने को मजबूर हो गई। देवास शराब कांड की इस दर्दनाक तस्वीर के बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने मां की पीड़ा सुनी और युवक के इलाज की पूरी जिम्मेदारी उठाई।
बेटे की रोशनी गई, परिवार का सहारा टूटा
जिस बेटे से घर की उम्मीदें जुड़ी थीं, वही आज खुद दूसरों के सहारे का मोहताज हो गया। एक मां के लिए अपने जवान बेटे को इस हालत में देखना कितना पीड़ादायक होगा, इसका अंदाजा उसकी आंखों में छलकते आंसुओं से लगाया जा सकता है। बेटे की आंखों की रोशनी जाने से परिवार की रोजी-रोटी पर भी संकट खड़ा हो गया है। मां की गुहार सिर्फ इलाज के लिए नहीं, बल्कि अपने बेटे का भविष्य बचाने की भी है।
उमंग सिंघार ने दी आर्थिक मदद, उठाई इलाज की जिम्मेदारी
पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान उमंग सिंघार ने उसकी तकलीफ सुनी। कांग्रेस विधायक दल की ओर से जहरीली शराब से प्रभावित प्रत्येक परिवार को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। वहीं, आंखों की रोशनी गंवाने वाले युवक के इलाज की पूरी जिम्मेदारी भी सिंघार ने उठाई।
जहरीली शराब कांड पर सरकार से सवाल
यह घटना अवैध जहरीली शराब के कारोबार और सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। आखिर ऐसी त्रासदियों की कीमत आम परिवार कब तक चुकाते रहेंगे? एक तरफ परिवार अपनों को खोने का दर्द झेल रहे हैं, तो दूसरी तरफ प्रभावित लोगों को जिंदगी दोबारा पटरी पर लाने की लड़ाई लड़नी पड़ रही है।
देवास की यह त्रासदी सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि व्यवस्था के सामने खड़ा बड़ा सवाल है। एक मां अपने बेटे के भविष्य के लिए लड़ रही है और अब उसकी उम्मीदें इलाज पर टिकी हैं।

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